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उत्तरी कोयल परियोजना के सहारे तीन सांसद बिहार ले जाना चाहते हैं झारखंड का पानी

परियोजना से पलामू प्रमंडल की एक इंच अधिक जमीन नहीं होगी सिंचित: भाकपा

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  • पलामू के लिए मंडल परियोजना से अधिक कारगर है औरंगा-अमानत परियोजना
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Palamu: करीब तीन दशक से ज्यादा समय से लंबित पड़ी उत्तरी कोयल परियोजना (मंडल डैम) की विस्तारित परियोजना का शिलान्यास आगामी 5 जनवरी को प्रधानमंत्री करेंगे. लेकिन शिलान्यास से पहले ही इसके फायदे और नुकसान को लेकर राजनीति शुरू हो गयी है. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य कार्यकारिणी सदस्य सूर्यपत सिंह एवं जिला सचिव रुचिर कुमार तिवारी ने प्रेस बयान जारी कर कहा कि 5 जनवरी को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पलामू के चियांकी हवाई अड्डे से मंडल जलाशय योजना के अधूरे कार्यो को पूरा करने का शिलान्यास करेंगे. इस शिलान्यास को भाजपा नेताओं और सरकारी तंत्रो के द्वारा नये वर्ष की सौगात बताते हुए पलामू के लिए वरदान बताया जा रहा है, जो सरासर गलत है. मंडल जलाशय बनने से पलामू प्रमंडल के किसानों को कोई फायदा नहीं होगा और न प्रमंडल की एक इंच जमीन ही अधिक सिंचित होगी.

पलामू

सांसद अपने घर ले जाना चाहते हैं पानी

सही मायने में उत्तरी कोयल परियोजना की शुरुआत बिहार के तत्कालीन कृषी मंत्री अनुग्रह नारायण सिंह के द्वारा की गयी थी. इस परियोजना को नवीनगर सहित पूरे औरंगाबाद क्षेत्र के साथ तत्कालीन गया जिला के एक बड़े हिस्से एवं मुंगेर तक पानी पहुंचाने के लिए प्रारंभ कराया गया था. चूंकि कोयल नदी से निकलने वाली नहर मोहम्मदगंज बाराज से जाती है, इस कारण पलामू जिला की पांच पंचायत को पानी मिलता है. बाकी पानी औरंगाबाद जिला में जाता है. इसका नियंत्रण भी झारखंड सरकार नहीं, बल्कि बिहार सरकार के द्वारा होता है. इसी कारण औरंगाबाद के भाजपा सांसद सुशील सिंह, चतरा सांसद सुनील सिंह और पलामू सांसद वीडी राम, जो तीनों बिहार के हैं, अपने घर पर पानी ले जाना चाहते हैं और पलामू प्रमंडल की जनता को मूर्ख बना रहे हैं.

 

गढ़वा, लातेहार के आदिवासियों का विस्थापन होगा 

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मंडल डैम के निर्माण से गढ़वा और लातेहार के जनजातीय लोगों का विस्थापन होगा. लेकिन उनको कोई लाभ नहीं मिलेगा. सही मायनों में पलामू जिले के लिए उत्तरी कोयल परियोजना नहीं बल्कि औरंगा-अमानत परियोजना अधिक कारगर है. जिसे करोड़ों खर्च करने के बाद भी पूरा नहीं किया गया. इस परियोजना से पलामू जिला के मेदिनीनगर, सतबरवा, लेस्लीगंज, पांकी, मनातू, तरहसी, पाटन, पड़वा, नावा बाजार, विश्रामपुर, पांडू, नगर उटांरी, छतरपुर, पिपरा बाजार, हुसैनाबाद, मोहम्मदगंज और हैदरनगर तक के खेतों को पानी मिल सकेगा.

औरंगा-अमानत परियोजना के लिए किसानों को गोलबंद करेगी भाकपा

इसके लिए अमानत नदी पर पांकी में बराज का निर्माण हो चुका है और अधिकांश नहर का निर्माण कार्य संपन्न है. किन्तु सरकार की इच्छा पलामू के किसानों को पानी देने का नहीं है. चतरा एवं पलामू के सांसदों के  मंडल डैम का राग अलापने से अच्छा होता कि औरंगा-अमानत परियोजना को पूरा करने की कोशिश होती. प्रधानमंत्री मोदी पलामू की जनता को मूर्ख बनाने के बदले औरंगा-अमानत परियोजना को पूरा करने का शिलान्यास करें. औरंगा-अमानत का लंबित कार्य पूरा करने का काम प्रारंभ नहीं हुआ तो भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी किसानों को गोलबंद करेगी.

इसे भी पढ़ेंः ‘बेदाग’ सरकार की पार्टी के राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार ने कहा ”घोटाला है राजधानी की सीवरेज-ड्रेनेज परियोजना”

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