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एक साथ होंगी JPSC की तीन संयुक्त परीक्षाएं, कार्मिक विभाग ने मांगी रिक्तियों की जानकारी

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Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग तीन सिविल सेवा परीक्षाएं एक साथ लेने की तैयारी में है. ये तीनों परीक्षाएं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा वर्ष 2017, 2018 व 2019 की रिक्तियों के आधार पर ली जायेगी.

इसके लिए विभागीय स्तर पर तैयारियां शुरू हो गयी है. कार्मिक विभाग की ओर से सभी विभागों को पत्र लिखकर अपने यहां के विभागों में मौजूद रिक्तियों की जानकारी देने को कहा है.

इसके लिए संयुक्त सचिव ओम प्रकाश साह की ओर से पत्राचार किया गया है. संयुक्त सचिव ने लिखे पत्र में सभी विभागों के सचिव को अगस्त तक रिक्तियों की जानकारी दे देने को कहा है.

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एक साथ होंगी तीन संयुक्त परीक्षाएं

राज्य गठन के बाद पहली बार तीन संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा लेने का जिक्र जेपीएसससी ने किया है. कार्मिक विभाग को लिखे पत्र में जेपीएससी ने कहा है कि राज्य गठन से लेकर अब तक छह सिविल सेवा परीक्षा ही ली गयी है.

जबकि अबतक 18 सिविल सेवा परीक्षाएं हो जानी चाहिए थी. आयोग ने कहा है कि कुछ कारणों से सिविल सेवा परीक्षा नहीं ली जा सकी है. लेकिन आयोग द्वारा परीक्षा सत्र को नियमित करने और राज्य हित को ध्यान में रखते हुए तीन वर्ष की संयुक्त परीक्षा लेने का विचार किया गया है.

इस तीन संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में आयोग ने वर्ष 2017, 2018 व 2019 में सरकार के विभिन्न विभागों में जितनी रिक्तियां है, उसे शामिल किया जायेगा.

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बिना विवाद के एक भी सिविल सेवा परीक्षा नहीं हुई

राज्य गठन के 18 साल बीत जाने के बाद भी झारखंड लोकसेवा आयोग की ओर से एक भी सिविल सेवा परीक्षा ऐसी नहीं हुई है, जिसमें कोई न कोई विवाद न रहा हो.

जहां अब तक 18 सिविल सेवा परीक्षाएं हो जानी चाहिए थी, वहां मात्र 6 परीक्षाएं ही हुई हैं. इसमें भी पहली सिविल सेवा परीक्षा से लेकर छठी सिविल सेवा परीक्षा तक विवादों में रही है.

अब आयोग द्वारा प्रथम सिविल सेवा परीक्षा में 64, द्वितीय सिविल सेवा परीक्षा में 172, तृतीय सिविल सेवा परीक्षा में 242, चतुर्थ सिविल सेवा परीक्षा में 219, पांचवीं सिविल सेवा परीक्षा में 277 पदों पर नियुक्ति की गयी है.

राज्य गठन के बाद से जेपीएससी की ओर से 35 से अधिक विभिन्न तरह की परीक्षाएं ली गयीं. इन 35 परीक्षाओं में से 18 से अधिक परीक्षाओं में विवाद रहा है.

कई परीक्षाओं की जांच अबतक सीबीआइ कर रही है. जानकारी के मुताबिक, चतुर्थ सिविल सेवा परीक्षा के पीटी परीक्षा का परिणाम तीन बार निकालना पड़ा है.

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