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#Twitter के तीन पूर्व कर्मियों पर जासूसी का आरोप, 6000 अकाउंट में सेंध, एक गिरफ्तार

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San Francisco : सऊदी अरब के शाही परिवार की आलोचना करने वाले ट्विटर के दो यूजर्स की जासूसी करने के मामले में ट्विटर के दो पूर्व कर्मचारियों व एक अन्य शख्स पर सैन फ्रांसिस्को संघीय अदालत ने आरोप तय किये हैं.

अमेरिकी न्याय मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार, सऊदी अरब के दो नागरिकों और एक अमेरिकी नागरिक ने रियाद एवं शाही परिवार की तरफ से इन असहमत ट्विटर यूजर्स की पहचान उजागर करने के मकसद से कथित तौर पर मिल कर काम किया.

आरोपियों में ट्विटर कर्मचारी अली अलजबरा और अहमद अबुआमो के अलावा शाही परिवार के साथ संबंध रखने वाले मार्केंटिंग अधिकारी अहमद अलमुतायिरी शामिल हैं.

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‘सऊदी अरब के अधिकारी के इशारे पर जासूसी’

‘वॉशिंगटन पोस्ट’ की रिपोर्ट में सामने आया कि अदालत में दायर याचिका के मुताबिक आरोपी सऊदी अरब के किसी अज्ञात अधिकारी के इशारे पर ऐसा कर रहे थे और यह अधिकारी किसी ऐसे व्यक्ति के लिए काम कर रहे थे जिन्हें अभियोजकों ने ‘शाही परिवार का नंबर एक सदस्य’ बताया है.

अखबार ने यह भी लिखा है कि यह व्यक्ति सऊदी अरब के शहजादे (क्राउन प्रिंस) मोहम्मद बिन सलमान हैं.

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 ‘आंतरिक तंत्र में सेंध लगायी’

अमेरिकी अटॉर्नी डेविड एंडर्सन ने कहा, ‘‘आज सामने आयी आपराधिक शिकायत में आरोप है कि सऊदी अरब के एजेंटों ने देश के ज्ञात आलोचकों और ट्विटर के हजारों अन्य उपयोगकर्ताओं की निजी जानकारी हासिल करने के लिए ट्विटर के आंतरिक तंत्र में सेंध लगायी.’’

उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘अमेरिकी कानून अमेरिकी कंपनियों को इस तरह की गैरकानूनी विदेशी घुसपैठ से बचाता है. हम अमेरिकी कंपनियों या अमेरिकी प्रौद्योगिकियों को अमेरिकी कानून का उल्लंघन करते हुए विदेशी दबाव का माध्यम नहीं बनने देंगे.’’

यह वाद ऐसे समय में दायर किया गया है जब एक साल पहले सऊदी अरब के पत्रकार जमाल खशोगी की रियाद प्रायोजित हत्या के बाद से अमेरिका और सऊदी अरब के संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं.

खशोगी वाशिंगटन पोस्ट के अलावा कई अखबारों के लिए लिखते थे.

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