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राज्यसभा में तीन तलाक बिल पर आज घमासान के आसार, कांग्रेस बिल पर पानी फेरने को बेताब

NewDelhi : आज सोमवार को राज्यसभा में घमासान तय है. बता दें कि आज मोदी सरकार तीन तलाक विधेयक इस उम्मीद के साथ राज्यसभा में पेश करने जा रही है कि लोकसभा के बाद यह राज्यसभा में भी पारित हो जायेगा. लेकिन कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल सरकार की उम्मीदों पर पानी फेरने को बेताब है. राज्यसभा में आंकड़ों के हिसाब से इस समय राजग के पास 93 सांसद हैं. कांग्रेस की अगुआई वाले विपक्षी खेमे के पास 112 सांसद हैं. इस लिहाज से अन्नाद्रमुक के 13, बीजद के नौ, टीआरएस के छह और वाईएसआर कांग्रेस के दो सदस्यों के समर्थन के बिना एनडीए सरकार राज्यसभा में तीन तलाक बिल पारित नहीं करा सकती. जान लें कि कांग्रेस ने तीन तलाक बिल राज्यसभा में पारित नहीं होने देने की घोषणा की है. राज्यसभा में इस विधेयक पर मतविभाजन के आसार देखते हुए भाजपा एवं कांग्रेस दोनों दलों ने तीन लाइन का व्हिप जारी कर अपने सदस्यों को राज्यसभा में तत्पर रहने को कहा है. बता दें कि विधि मंत्री रविशंकर प्रसाद राज्यसभा में इस विधेयक को पेश करेंगे. विधेयक गुरुवार को विपक्ष के बहिर्गमन के बीच लोकसभा में पारित हो चुका है. विधेयक के पक्ष में 245 जबकि विपक्ष में 11 वोट पड़े थे. रविशंकर प्रसाद ने उम्मीद जताई है कि भले ही राज्यसभा में भाजपा नीत राजग के पास पर्याप्त संख्याबल नहीं हो, लेकिन सदन में इस विधेयक को समर्थन मिलेगा. तीन तलाक विधेयक सोमवार को राज्यसभा के विधायी एजंडे में शामिल किया गया है.

कांग्रेस के सांसद अन्य विपक्षी दलों के साथ मिलकर इस विधेयक को पारित होने से रोकेंगे

विपक्ष तीन तलाक विधेयक के कई प्रावधानों पर सवाल उठा रहा है. विपक्ष इस विधेयक को संसद की संयुक्त प्रवर समिति के पास भेजने की मांग कर रहा है. प्रस्तावित कानून में, एक बार में तीन तलाक को गैरकानूनी ठहराया गया है और ऐसा करने वाले पति को तीन साल के कारावास का प्रावधान किया गया है. कांग्रेस के सांसद अन्य विपक्षी दलों के साथ मिलकर इस विधेयक को सदन में पारित होने से रोकेंगे. कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला के अनुसार पार्टी ने राज्यसभा में अपने सदस्यों को तीन लाइन का व्हिप जारी किया है. तीन लाइन का व्हिप महत्वपूर्ण माना जाता है; इसे कठोर कहा जाता है. इसका इस्तेमाल अविश्वास प्रस्ताव जैसे महत्त्वपूर्ण मुद्दे के लिए किया जाता है; इसका उल्लंघन करने वाले सदस्य की सदस्यता समाप्त हो जाती है; कांग्रेस का कहना है कि तत्काल तीन तलाक एक दीवानी मामला है. इसके लिए अपराधियों की तरह कठोर दंड का प्रावधान किया गया है, जो कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियों को मंजूर नहीं है; यह बिल महिलाओं का सशक्तीकरण नहीं करेगा।; इसके प्रावधान संविधान और मौलिक अधिकारों के खिलाफ हैं.

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