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तीन तलाक बिल गुरुवार को होगा लोकसभा में पेश, भाजपा ने व्हीप जारी किया  

केंद्र सरकार और भाजपा ने गुरुवार को लोकसभा में लंबित तीन तलाक बिल को पास कराने की तैयारी की है.  इस बीच, भाजपा ने अपने सभी सांसदों को व्हीप जारी किया है.  सभी सांसदों से कहा गया है कि वे उस दिन सदन में मौजूद रहें.

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NewDelhi :  केंद्र सरकार और भाजपा ने गुरुवार को लोकसभा में लंबित तीन तलाक बिल को पास कराने की तैयारी की है.  इस बीच, भाजपा ने अपने सभी सांसदों को व्हीप जारी किया है.  सभी सांसदों से कहा गया है कि वे उस दिन सदन में मौजूद रहें.  इस पर वोटिंग होने की भी संभावना है.  सभी सदस्यों से इस आदेश का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है.  वहीं कांग्रेस पार्टी राफेल पर जेपीसी गठन की मांग कर रही है लेकिन भाजपा ने संकेत दिया है कि वह तीन तलाक बिल पर बढ़ेगी और उस दिन लोकसभा से पास कराएगी और अगले हफ्ते इसे राज्यसभा में पेश कर दिया जाएगा. बता दें पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव की डेट घोषित होने से ठीक पहले इससे जुड़ा अध्यादेश पास किया गया था. इसमें बिल से जुड़ी विपक्ष की कुछ मांगों को शामिल किया गया था.   पुराने बिल में जिस बदलाव के साथ नया बिल बनाया गया उसके अनुसार इस मामले में एफआईआर तभी स्वीकार्य की जायेगी जब पत्नी या उनका नजदीकी खून वाले रिश्तेदार दर्ज करायेंगे. विपक्ष और कई संगठनों की चिंता थी कि इस मामले में एफआईआर का कोई इस्तेमाल कर सकता है.

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पहले बिल में जमानत की गुंजाइश नहीं थी

पति और पत्नी के बीच उचित टर्म मैजिस्ट्रेट समझौता कर सकते हैं अगर बाद में दोनों के बीच इसकी पहल होती है.  इससे पहले के बिल में इसके लिए प्रावधान नहीं थे.  इस संबंध में विपक्ष का तर्क था कि इसकी व्यवस्था होनी चाहिए. तत्काल तीन तलाक अभी गैरजमानती अपराध बना रहेगा लेकिन अब इसमें ऐसी व्यवस्था कर दी गयी, जिसके बाद मैजिस्ट्रेट इसमें जमानत दे सकता है;  हालांकि इससे पहले पत्नी की सुनवाई करनी होगी. इससे पहले बिल में तीन साल के सजा के प्रावधान के बाद जमानत की गुंजाइश नहीं दी गयी थी. इसमें महिलाओं को यह अधिकार भी दिया गया है कि वे तीन तलाक की स्थिति में खुद या अपने बच्चों के लिए भरण पोषण की मांग करने के लिए कोर्ट या मैजिस्ट्रेट की शरण में जा सकती हैं. महिला ऐसे मामले में अपने नाबालिग बच्चों की कस्टडी मांग सकती है.  ऐसे मामले में मजिस्ट्रेट फैसला लेंगे.

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हम तीन तलाक पर कानून बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं

बता दें कि शनिवार को पीएम मोदी ने गांधीनगर में भाजपा की महिला मोर्चा विंग के अधिवेशन में कहा था कि सरकार कट्टरपंथियों और विपक्षी दलों के विरोध तथा बाधाओं का सामना करने के बावजूद तीन तलाक पर कानून बनाने के लिए प्रतिबद्ध है.  उन्होंने कहा था, हम प्रतिबद्ध हैं ताकि मुस्लिम महिलाओं को जिंदगी के एक बड़े खतरे से मुक्ति मिल सके.  हमने मुस्लिम महिलाओं के हज पर जाने के लिए उनके साथ किसी पुरुष का साथ होने की शर्त हटा दी है.  भाजपा का मानना है कि इस मामले के जिंदा रहने से राजनीतिक लाभ मिलता रहता है लेकिन विपक्ष को लगता है कि सरकार के लगातार गलत तरीकों से इस बिल को पेश करने के बाद अब इसपर झुकने से मुस्लिमों के बीच गलत संदेश जाएगा.  कई मुस्लिम संगठन इस बिल का विरोध कर रहे हैं.

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