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तीन दिवसीय वन मेला एक दिसंबर से, वनवासियों की कला को जानेंगे राज्य के लोग

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Ranchi : राज्य के वनवासियों के कौशल, उनकी विधाओं और कला से लोग अब रू-ब-रू होंगे. वनवासियों की प्रतिभा को बढ़ावा दिया जायेगा. साथ ही, महिला एवं वनवासी सशक्तीकरण कर वनों को बढ़ावा देने की तैयारी है. इसके लिए झारखंड वन विभाग व फॉरेस्ट ऑफिसर्स वाइफ एसोसिएशन (फोवा) की ओर से तीन दिवसीय वन मेला का आयोजन डोरंडा स्थित वन भवन में किया जायेगा. वन मेला एक से तीन दिसंबर तक चलेगा. वन मेला का उद्घाटन वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव इंदू शेखर चतुर्वेदी व मीता चतुर्वेदी करेंगी. यह जानकारी बुधवार को डोरंडा वन भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रधान मुख्य वन संरक्षक पदाधिकारी संजय कुमार ने दी. उन्होंने बताया कि राज्य के वनवासियों के अद्वितीय कौशल, उनकी विधाओं तथा उनकी कला से सभी को परिचित कराकर महिला एवं वनवासी सशक्तीकरण कर वनों को बढ़ावा देने के लिए विभाग और फोवा ने वन मेला की एक नयी शुरुआत की है.

प्राकृतिक वस्तुओं से बनायी गयी सामग्री की लगेगी प्रदर्शनी, बिक्री भी होगी

वन मेला में राज्य के कोने-कोने से आये वनवासियों द्वारा प्राकृतिक वस्तुओं से बनायी गयी सामग्री की प्रदर्शनी लगायी जायेगी. इन सामग्रियों की बिक्री भी की जायेगी. इनमें वनोपज आधारित खाद्य सामग्री, रोजमर्रा के जरूरी और सजावटी सामान, पेंटिंग, मिट्टी, पत्थर और धातुओं के आभूषण एवं कलाकृतियां, टेराकोटा, वस्त्र आदि बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगे. उन्होंने बताया कि शाम में सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया जायेगा. इन सामग्रियों की विविधता और उत्कृष्टता वनवासी समाज की महिलाओं के पारंपरिक सशक्तीकरण का प्रतीक हैं.

32 हजार में से साढ़े चार हजार गांवों में है वन

संजय कुमार ने कहा कि झारखंड वनों का प्रदेश है. यहां 32 हजार गांव हैं. 32 हजार में से साढ़े चार हजार गांवों में वन है. यहां के वनवासी अपनी कला विकसित कर रहे हैं. इससे उनका जीविकोपार्जन भी हो रहा है. हम उनकी कलाओं का सम्मान करते हैं. उन्होंने कहा कि वनों के आस-पास रहनेवाले लोगों को आत्मनिर्भर किया जा रहा है. मधुमक्खी पालन, बांस से बनी सामग्री आदि के माध्यम से जीविकोपार्जन किया जा रहा है. राज्य सरकार की परिकल्पना है कि वनों के आस-पास रहनेवालों का  भी विकास हो. इस दिशा में लगातार काम किया जा रहा है. प्रेस वार्ता में फोवा की अध्यक्ष सबिता मिश्रा, सचिव लीना रस्तोगी, एटी मिश्रा, निशा कुमारी आदि उपस्थित थे.

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