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दो सगे भाई समेत तीन अपराधी गिरफ्तार, अवैध तरीके से कमा रहे थे लाखों रुपये

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Giridhi. गिरिडीह साइबर थाना पुलिस ने रविवार को तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया. पुलिस ने तीनों अपराधियों को डुमरी थाना क्षेत्र के जीतकुंडी गांव में साइबर ठगी के दौरान गिरफ्तार करने में सफलता पाई. हालांकि पुलिस को देखते ही तीनों अपराधियों ने भागने का प्रयास किया लेकिन डीएसपी संदीप सुमन समदर्शी और थाना के एसआई ध्रुव कुमार समेत जवानों ने तीनों को खदेड़ कर दबोचा.

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गिरफ्तार तीनों अपराधी जीतकुंडी गांव के रहने वाले हैं. इसमें दो अपराधी अनिल मंडल और जागेशवर मंडल सगे भाई हैं. अनिल और जागेशवर मिलकर साइबर अपराध से कमाई कर पैभर ब्लॉक की फैक्ट्री लगा रहे थे. जबकि तीसरा अपराधी अशोक मंडल साइबर अपराध के कमाएं पैसों से ही डुमरी में मोबाइल फोन का कारोबार कर रहा था. गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अशोक मंडल के पास से 22 नए मोबाइल सील पैक बरामद किए हैं. साथ ही अशोक के घर से दो चार पहिया वाहन भी बरामद किया गया है.

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छापेमारी के दौरान तीनों अपराधियों के पास से साइबर अपराध के लिए इस्तेमाल किए गए पांच पीस मोबाइल, छह सीम कार्ड, 23 चैकबुक और पासबुक, पौश मशीन के अलावे एक लाख 18 हजार रुपए भी जब्त किए गए हैं. डीएसपी संदीप सुमन ने बताया कि तीनों अपराधी खाताधारकों के मोबाइल में कोटेक, महिन्द्रा और पेटीएम का ब्लफ मैसेज और लिंक भेजकर ठगी किया करते थे. खाताधारकों के नंबर में भेजे गए मैसेज और लिंक में शार्टकट तरीके से पैसे कमाने से जुड़ी बातों जिक्र रहता था.

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डीएसपी ने बताया कि तीनों अपराधियों ने पूछताछ में इन तीनों कंपनियों के दिल्ली-मुंबई के कर्मियों का नाम भी कबूला है. जो इन अपराधियों को ठगी में सहयोग किया करते थे. लिहाजा, पुलिस अब उन कर्मियों के पहचान करने में जुट गई है. अनिल और जागेशवर मंडल काफी सालों से साइबर अपराध के क्षेत्र में थे.

इसी से पैसे कमाकर दोनों भाई पैभर ब्लॉक बनाने वाले फैक्ट्री खोल रहे थे. इसके लिए दोनों भाई करीब 25 लाख का मशीन भी मंगाकर रखे हुए था. पैभर ब्लॉक के प्लांट को जिस जगह दोनों भाई लगा रहे थे। वहां शैड का निर्माण भी हो चुका था. जबकि तीसरा अपराधी अशोक मंडल अपने दुकान में मोबाइल सेट बेचा करता था.

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