न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

संताल से तीन मुख्यमंत्री रहे, फिर भी संताल का नहीं हुआ विकास : सीएम

23

Ranchi : झारखंड में 14 वर्षों में संताल से तीन मुख्यमंत्री बने, फिर भी संताल का विकास नहीं हुआ. जो भी सीएम बना, उसने सिर्फ राज्य को लूटने का काम किया है. ये बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने लिट्टीपाड़ा में लगी अपनी चौपाल में कहीं. उन्होंने कहा कि राज्य के पहले मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, गुरुजी एवं हेमंत सोरेन तीन मुख्यमंत्री संताल ने दिये, लेकिन यह दुर्भाग्य है कि इन्होंने संताल को ही उपेक्षित रखा. फिर से अब चुनाव आ रहा है और विपक्ष गठबंधन करने में लगा है. उनका सिर्फ एक ही नारा है- जल, जंगल और जमीन बचाओ. लेकिन, गोला का रहनेवाला सोरेन परिवार सिर्फ राजधानी रांची में ही दर्जनों जगह जमीन ले चुका है. इसके अलावा देवघर, दुमका, रामगढ़, बोकरो समेत अन्य कई स्थानों पर सीएनटी एक्ट का उल्लंघन करते हुए जमीन ले रखी है. लेकिन, बीते चार सालों भाजपा ने कहीं भी जमीन नहीं ली और विपक्ष कहता है भाजपा जमीन छीनने का काम करती है.

मां-बेटा और बाप-बेटा ही राजनीति में लीन रहना चाहते हैं

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष सिर्फ वंशवाद की राजनीति करना चाहता है. चाहे केंद्र की बात करें या राज्य की, दोनों जगह पर विपक्ष परिवारवाद की ही बात करता है. केंद्र में मां-बेटा सोनिया गांधी और राहुल गांधी राजनीति में लीन रहते हैं, तो वहीं राज्य में शिबू सोरेन और हेमंत सोरेन बाप-बेटा ही सिर्फ राजनीति करना चाहते हैं. लेकिन, भाजपा ही एक ऐसी पार्टी है, जिसमें चाय बेचनेवाला प्रधानमंत्री और मजदूर मुख्यमंत्री बन सकता है.

पाकुड़ की सात महिलाएं जायेंगी इजरायल

Related Posts

धनबाद : कासा सोसाइटी में बिजली मिस्त्री की मौत, मामला संदेहास्पद

सोसाइटी के लोगों का कहना है कि यह महज एक दुर्घटना नहीं है, बल्कि बिजली मिस्त्री की हत्या की गयी है.

SMILE

चौपाल में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि 50 किसानों को इजरायल भेजा गया था. ये सभी वहां की तकनीक सीखकर आये और उन्नत पैदावार कैसे हो, इसकी जानकारी दूसरे किसानों को भी दे रहे हैं. अब फिर से 50 पुरुष और 50 महिला किसानों को इजरायल भेजा जायेगा. इनमें पाकुड की सात महिलाओं का चयन किया गया है. ये महिलाएं इजरायल जाकर वहां की तकनीक सीखकर आयेंगी और झारखंड में पैदावार को बढ़ाने का काम करेंगी. उन्होंने कहा कि किसानों को जैविक खेती करनी चाहिए, इसमें कमाई ज्यादा है. उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी फसल की चिंता नहीं करनी है. किसानों द्वारा उपजायी फसलों को सबसे बड़े बाजार पतंजलि में बेचा जायेगा. इसके अलावा विदेशों से भी झारखंड की सब्जियों की डिमांड होती है, वहां भी सब्जियों को निर्यात किया जायेगा.

इसे भी पढ़ें-  झारखंड में सबसे ठंडा हुआ पलामू, PTR में बदला गया हाथियों का आशियाना

इसे भी पढ़ें- राजधानी के 13837 भवनों की जानकारी से निगम अंजान, अब कर रहा होल्डिंग्स को निष्क्रिय करने की तैयारी

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
%d bloggers like this: