न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

पुरुषों के यौन शोषण पर बनी फिल्म ‘बेदाद’ को मिले तीन पुरस्कार

295

Dhanbad: धनबाद निवासी अनिल रामचन्द्र शर्मा को फिल्‍म ‘बेदाद’ के लिए झारखंड नेशनल फिल्म फेस्टिवल ने तीन पुरुस्कारों से सम्मानित किया. इसमें सर्वश्रेष्ठ खलनायक, सर्वश्रेष्ठ सहायक कलाकार सहित सर्वश्रेष्ठ एडिटर का पुरस्कार शामिल है. अनिल ने इस फिल्म में लेखन और निर्देशन का काम भी किया है. यह पुरस्कार उन्हें जमशेदपूर में आसमा, मित्रा प्रॉडक्शन, जन सूचना और संपर्क विभाग, झारखंड के संयुक्त तत्वावधान में हुए पहले झारखंड राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में दिया गया.

इसे भी पढ़ें: रांची : बैंक से पैसे निकालकर घर जा रही महिला से 1.50 लाख रुपये लूटकर फरार हुए अपराधी 

टीम को दिया सफलता का श्रेय

इस फिल्म में पुरुषों के साथ यौन हिंसा और इसका उनके जीवन पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव के बारे में दिखाया गया है. इस सम्मान से अनिल रामचंद्र काफी खुश हैं. जिसका श्रेय उन्होंने अपनी पूरी टीम को दिया है. उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उन्हें सिर्फ और सिर्फ उनकी टीम की वजह से मिली है.

इसे भी पढ़ें : तेनुघाट थर्मल पावर प्लांट के कंप्रेसर हाउस में लगी आग, बिजली उत्पादन ठप्‍प

समाज के घिनौने स्‍वरूप को लाया सामने

अनिल की स्कूल और कॉलेज की शिक्षा आईएसएल और सिंदरी कॉलेज में हुई. उन्होंने बेदाद के जरिये समाज के उस भयावह रुप को दिखाया है जो पर्दे के पीछे इंसान के रूप में जानवर छुपे बैठा है और जो बाल शोषण करते हैं. समाज में सफेद कॉलर लेकर घूमते हैं. उन्होंने इस फिल्म के जरिये समाज को यह मैसेज दिया है कि जिस तरह पक्षी अपने बच्चे को तब तक अपनी निगरानी में रखता है जब तक कि वह उड़ने के काबिल नहीं हो जाता. उसी तरह हम माता-पिता भी अपने बच्चे को तब तक अपनी निगरानी में रखें जब तक कि वह 18 साल का न हो जाये. बेदाद का मतलब होता है नाइन्साफी. बेदाद किसी बच्चों के साथ न हो.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Comments are closed.

%d bloggers like this: