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इस साल भी पूजा पर कोरोना की मार, आयोजन को लेकर सरकार की गाइडलाइन जारी नहीं होने से बेहाल हैं मूर्तिकार

दुर्गा पूजा पर प्रतिमाओं की बुकिंग घटने के चलते मूर्तिकार छोटी मूर्तियां बना रहे ताकि बाजार में बेच कर घर चला सकें

Jamshedpur :  कोरोना को लेकर राज्य में शिक्षण संस्थान, दुकानों और सेवाओं तो खोलने की अनुमति दे दी गयी है लेकिन धार्मिक स्थलों, मेला आदि पर रोक बरकरार है. पिछले वर्ष भी दुर्गा पूजा पर कोरोना का असर दिखा था. इस साल भी आसार अच्छे नहीं हैं. दुर्गा पूजा को लेकर सरकार की ओर से किसी तरह की गाइडलाइन जारी नहीं किये जाने से मूर्तिकारों में ऊहापोह की स्थिति है. पिछले साल भी उनकी कमाई पर कोरोना की काली छाया पड़ गयी थी. इस साल भी उनमें मायूसी छाई है. पूजा पर पाबंदी के कारण मूर्तिकारों की आर्थिक स्थिति काफी खराब हो चुकी है. फिलहाल गणेश पूजा में महज सात दिन ही बचे हैं. जमशेदपुर में काफी धूमधाम से गणेश पूजा का आयोजन होता है, लेकिन इस साल प्रतिमाओं की ज्यादा बुकिंग नहीं है. किसी के पास पांच, किसी के पास सात तो किसी के पास दस प्रतिमाओं की बुकिंग है. जबकि कोरोना से पहले इस समय तक दर्जनों प्रतिमाओं की बुकिंग हो जाती थी. गणेश पूजा समेत अन्य पूजा पर बनने वाली देवी-देवताओं की प्रतिमाओं का ऑर्डर नहीं मिलने से सभी मूर्तिकार परेशान हैं.

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छोटे-बड़े 25 मूर्तिकार हैं शहर में, इस बार 3 से 5 फुट की प्रतिमा बना रहे

शहर में लगभग छोटे-बड़े 25 मूर्तिकार हैं. ये मूर्तिकार हर साल गणेश पूजा, दुर्गा पूजा,  काली पूजा आदि में प्रतिमाओं का निर्माण करते हैं. इस बार भी बड़े स्तर पर पूजा नहीं होने से मूर्तिकार रोजीरोटी चलाने के लिए छोटी-छोटी प्रतिमाएं बना रहे हैं. मूर्तिकारों ने बताया कि बड़े स्तर पर पूजा नहीं होने के चलते प्रतिमाओं की बुकिंग घटी है. थोड़ी-बहुत बुकिंग हो भी रही है, तो छोटी प्रतिमाओं की हो रही है. पिछले साल की तरह इस बार भी तीन  से पांच फुट की प्रतिमाओं का निर्माण हुआ है,  जिनकी कीमत 800 से लेकर पांच हजार तक है. बड़े आयोजक भी छोटी प्रतिमाओं का ही ऑर्डर बुक करा रहे हैं.

भरत के पास पहले 70-80 प्रतिमाओं की बुकिंग होती थी, इस बार 6 ही हुई

साकची के मूर्तिकार भरत पाल ने बताया कि कोरोना से पहले 70 से 80 प्रतिमाओं की बुकिंग होती थी. वहीं इस बार 5-6 प्रतिमाओं की बुकिंग हुई है. उन्होंने बताया कि इस प्रकार की स्थिति पहले कभी नहीं हुई थी. उनकी इससे से भी बड़ी चिंता आगामी दुर्गा पूजा को लेकर है. अबतक सरकार की गाइडलाइन नहीं आने के चलते मूर्तिकार ऊहापोह की स्थिति में हैं. अब तक दुर्गा पूजा के लिए प्रतिमा बनाने का काम भी शुरू नहीं हुआ है, जबकि सामान्यतया अप्रैल माह से ही दुर्गा पूजा के लिए प्रतिमा बनाने का काम शुरू हो जाता था. कोरोना के चलते अबतक कोई तैयारी नहीं हुई है.

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साधन हर साल 200 गणेश प्रतिमा बनाते थे, इस बार 100 छोटी मूर्तियां बनायीं  

वहीं गोविंदपुर मूर्तिकार साधन पाल ने बताया कि कोरोना के पहले हर साल वे 200  गणेश प्रतिमाएं बनाते थे, लेकिन कोरोना के चलते इस बार 100  छोटी प्रतिमाओं का ही निर्माण किया है. इस बार बुकिंग नहीं होने के चलते वे खुले बाजार में प्रतिमाओं की बिक्री करेंगे.

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