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चाईबासा भवन प्रमंडल में इस बार नहीं चला टेंडर मैनेज करने का खेल, 14 योजनाओं के लिए कई ठेकेदारों ने खरीदा पेपर

Chaibasa : चाईबासा भवन प्रमंडल के द्वारा डीएएफटी मद से होने वाली 14 योजनाओं को शॉर्ट टाइम में पूरा करने के लिए निकाली गई निविदाओं में इस बार टेंडर मैनेज का खेल नहीं होने के कारण कई ठेकेदारों ने एक-एक योजना के लिए तीन-तीन टेंडर फार्म खरीदे, जबकि पहले ज्यादातर मैनेज टेंडर के द्वारा योजना का वितरण हुआ करता था. भवन प्रमंडल में आज निविदा में भाग लेने के लिए कई संवेदक परिमाण विपत्र खरीदते समय सांसद, विधायक के समर्थक संवेदक के बीच दूरी देखने को मिला.

विदित हो कि सभी योजना कल्याण विभाग की है, जो डीएमएफटी से स्वीकृति दी गई है. उक्त सभी योजना माननीयों के द्वारा अनुशंसित नहीं है, जिसके कारण टेंडर मैनेज नहीं हो पाया. कंपटीशन नहीं हो इसके लिए एक दूसरे से समझौता करने के लिए कई संवेदक माननीयों के पास दौड़ लगा रहें है. उक्त योजना के लिए आपसी तालमेल से मैनेज कर टेंडर डालने का प्रयास माननीय के द्वारा किया गया था, लेकिन स्थानीय विधायक के द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया गया, जिसके कारण सभी योजना में पेपर लेने की छूट मिल गई.

सूत्रों की माने तो बिना अनुशंसा वाली योजना में सांसद को विधायकों के द्वारा नजरंदाज करने का परिणाम है. पिछले बार की योजना में भी सहमति नहीं बनने से 10 प्रतिशत से ज्यादा कम में टेंडर डाला गया था. वैसी स्थिति इस टेंडर में भी होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है. सांसद, विधायक के समर्थक आमने-सामने है. जबकी 24 मार्च को निविदा आमंत्रित की गई थी, लेकिन पुनः तिथी को बढ़ा कर 7 अप्रैल किया गया. कुल 14 योजनाओं के लिए निविदा आमंत्रित किया गया है.

निविदा में भाग लेने वाले वाले ऐसे भी संवेदक हैं जो पूर्व में कार्य को लंबित रखा है, क्या वैसे संवेदक को पुनः कार्य आवंटित किया जाना उचित होगा, यह देखना कार्यपालक अभियंता का काम है. हलांकि यह योजना विभाग के द्वारा प्रस्तावित किया गया था, जिसे शशी परिषद द्वारा पारित किया गया है, उसके बाद जिला प्रशासन ने डीएमएफटी से स्वीकृति दी है.

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