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इस बार सिद्धू को भारी पड़ सकती है तुनुकमिजाजी, कांग्रेस आलाकामान मनाने के मूड में नहीं

New Delhi: कांग्रेस पार्टी की सदस्यता करने के बाद से ही पंजाब कांग्रेस को बार-बार मुसीबत में डालने वाले नवजोत सिंह सिद्धू को इस्तीफे का दांव भारी पड़ सकता है. मालूम हो कि सिद्धू की वजह से कांग्रेस पार्टी पंजाब कांग्रेस के कद्दावर नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह को न सिर्फ सीएम पद से हटाया बल्कि उनका पर भी कतर दिया है. अब एक दिन पूर्व सिद्धू ने प्रदेश कांग्रेस प्रधान पद से इस्तीफा देकर पार्टी के लिये फिर से परेशानी खड़ी कर दी है.

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कांग्रेस पार्टी सूत्रों की मानें, तो आलाकमान सिद्धू के रवैये से खासे नाराज हैं. उनसे किसी भी तरह की बातचीत नहीं की जा रही है. माना जा रहा है कि पार्टी सिद्धू को नहीं मनाएगी. इतना ही नहीं पार्टी ने पंजाब में नए प्रदेश अध्यक्ष के लिए मंथन भी शुरू हो गया है. इस दौड़ में रवनीत सिंह बिट्टू का नाम सबसे आगे चल रहा है. कुलजीत नागरा का नाम भी तेजी से चल रहा है.

 

Sanjeevani

यह भी सच है कि सिद्धू का इस्तीफा अभी तक स्वीकार नहीं किया गया है. कहा जा रहा था कि पंजाब प्रभारी हरीश रावत बुधवार को चंडीगढ़ जाएंगे लेकिन फिलहाल उनका दौरा टल गया है.  पार्टी सूत्रों की माने तो सिद्धू का इस्तीफा स्वीकार नहीं कर कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व उन्हें समय देना चाहता है लेकिन अगर वह नहीं माने तो सख्त कदम भी उठाया जा सकता है. सिद्धू बार-बार पार्टी की किरकिरी करा रहे है, लेकिन अब पार्टी झेलने के मूड में नहीं हैं.

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इधर, सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने आज कैबिनेट की बैठक बुलाई है. खबरों की मानें तो आज की कैबिनेट में जो मंत्री नहीं आएंगे उनपर भी कार्रवाई हो सकती है. मालूम चन्नी कैबिनेट की मंत्री रजिया सुल्तान सिद्धू के समर्थन में इस्तीफा दे चुकी है. परगट सिंह भी बैठक से उठकर चले गये थे. हालांकि, परगट सिंह ने अभी तक इस्तीफा नहीं दिया है.

 

सिद्धू को लेकर लटकलें लग रही है कि वह आम आदमी पार्टी में शामिल हो रहे हैं. हालांकि, इस तरह की चर्चा उनके कांग्रेस ज्वाइन करने से पूर्व भी थी. इधर, राजनीतिक समीक्षक अब कहने लगे हैं कि उनकी तुनुकमिजाजी को देखते हुए अब शायद की कोई भी पार्टी उन्हें तवज्जो दे. पहले भाजपा और अब कांग्रेस में रहकर उन्होंने अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मारी है.

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