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विश्व धरोहर में शामिल हुआ काकतीय रुद्रेश्वर मंदिर, पीएम मोदी ने दी बधाई

New Delhi: यूनेस्को (UNESCO) ने तेलंगाना के मुलुगू जिले के पालमपेट में स्थित ऐतिहासिक रुद्रेश्वर मंदिर को विश्व धरोधर की सूची में शामिल कर लिया है. इस मंदिर को रामप्पा नाम से भी जाना जाता है. इसकी जानकारी खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने ट्विटर अकाउंट पर दी है. पीएम मोदी ने देशवासियों से निजी अनुभव के लिए वहां का दौरा करने का आग्रह किया.

 

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रुद्रेश्वर मंदिर का निर्माण 1213 ईस्वीं में काकतीय साम्राज्य के शासनकाल के दौरान कराया गया था. यह मंदिर रेचारला रुद्र ने बनवाया था जो काकतीय राजा गणपति देव के एक सेनापति थे. यह भगवान शिव को समर्पित मंदिर है और मंदिर के अधिष्ठाता देवता रामलिंगेश्वर स्वामी हैं. इसे रामप्पा मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि इसका नाम इसके शिल्पकार के नाम पर रखा गया था जिन्होंने 40 साल तक मंदिर के लिए काम किया था.

काकतियों के मंदिर परिसरों की विशिष्ट शैली, तकनीक और सजावट काकतीया मूर्तिकला के प्रभाव को प्रदर्शित करती हैं. रामप्पा मंदिर इसकी अभिव्यक्ति है और काकतियों की रचनात्मक प्रतिभा का प्रमाण प्रस्तुत करती है. मंदिर छह फुट ऊंचे तारे जैसे मंच पर खड़ा है, जिसमें दीवारों, स्तंभों और छतों पर जटिल नक्काशी से सजावट की गई है, जो काकतिया मूर्तिकारों के अद्वितीय कौशल को प्रमाणित करती है.

 

पीएम मोदी ने यूनेस्को की ओर से किए गए ट्वीट को शेयर करते हुए लिखा, ‘शानदार ! सभी को बहुत-बहुत बधाई, खासकर तेलंगाना की जनता को. प्रतिष्ठित रामप्पा मंदिर महान काकतीय वंश की उत्कृष्ट शिल्प कला को दर्शाता है. मैं आप सभी से आग्रह करूंगा कि इस भव्य मंदिर परिसर का जरूर दौरा करें और इसकी भव्यता को खुद अनुभव करें.’

वहीं केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी ने ट्वीट करते हुए कहा, ‘मुझे यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि यूनेस्को ने तेलंगाना के वारंगल के पालमपेट में स्थित रामप्पा मंदिर को विश्व धरोहर स्थल के तौर पर मान्यता दी है. राष्ट्र, खासकर तेलंगाना के लोगों की ओर से, मैं माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उनके मार्गदर्शन और समर्थन के लिए आभार व्यक्त करता हूं.’

भारत सरकार ने 2019 के लिए यूनेस्को को इसे विश्व धरोहर स्थल के तौर पर मान्यता देने का प्रस्ताव दिया था. आज करीब 2 साल के लंबे इंतजार के बाद यूनेस्को ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है, और रामप्पा मंदिर को विश्व धरोहर स्थल के तौर पर मान्यता दे दी है.

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