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प्रतिष्ठित किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना में नारायणा का यह छात्र रहा सफल, सालाना 80 हजार की मिलेगी स्कॉलरशिप

Jamshedpur : भारत सरकार के वैज्ञानिक और प्रोद्योगिकी मंत्रालय की ओर से आयोजित की जाने वाली वाली प्रतिष्ठित किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना (केवीपीवाय) की अखिल भारतीय परीक्षा में साकची स्थित नारायणा एकेडमी के छात्र श्रीजन रंजन ने सफलता हासिल की है. देश के विद्यार्थियों को मौलिक विज्ञान में शोध के लिए दी जाने वाली स्कॉलरशिप में चयनित होना बेहद कठिन माना जता है. इंडियन इन्स्टीट्यूट ऑफ साइंस बंगलुरू द्वारा ली जाने वाली इस परीक्षा का रिजल्ट शुक्रवार को आया है. नारायणा के निदेशक श्याम भूषण ने बताया कि श्रीजन रंजन इस साल जेईई एडवांस परीक्षा में भी शहर के टॉपरों में शामिल रहेगा. उन्होंने उसके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामना दी है. श्रीजन रंजन नारायणा साकची सेंटर के पाँच वर्षीय क्लासरूम प्रोग्राम का छात्र है. वह विद्या भारती चिन्मया विद्यालय टेल्को का छात्र है. उन्होंने कहा कि नारायणा आई.आई.टी./नीट एकेडमी न केवल अपने बेहतर शिक्षक, कोर्स मेटेरियल्स के लिए विख्यात है, बल्कि बेहतर अनुशासित शैक्षणिक वातावरण एवं एक पूर्ण लाइब्रेरी और योजनाबद्ध तरीके से तैयारी के लिए जाना जाता है.श्याम भूषण ने कहा कि नारायणा जमशेदपुर सेन्टर में प्रत्येक साप्ताहिक टेस्ट भी पूरे भारत स्तर पर आयोजित होता है. इससे छात्र-छात्राओं को प्रत्येक सप्ताह अपनी तैयारी का मूल्यांकन करने का मौका मिलता है. जमशेदपुर सेंटर में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को केवल अपने कक्षा में पढ़ रहे विद्यार्थियों से कम्प्टीशन नहीं होता बल्कि उनका कम्प्टीशन पूरे भारत स्तर पर नारायणा में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं से होता है.

जानिए किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना को

किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना (केवीपीवाय) मौलिक विज्ञान के क्षेत्र में शिक्षावृत्ति का एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है, जिसकी पहल एवं वित्त पोषण विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा चलाया जाता है. मौलिक विज्ञान में अनुसंधान की दिशा में करियर जारी रखने के इच्छुक, असाधारण रूप से अभिप्रेरित विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जाती है. इस कार्यक्रम का उद्देश्य अनुसंधान के लिए आवश्यक प्रतिभा और अभिवृत्ति वाले विद्यार्थियों को पहचान कर, अध्धयन में उनकी प्रतिभा को पहचानने में मदद करना, विज्ञान में शोध को अपना करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करना और देश में अनुसंधान एवं विकास कार्य के लिए सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिक प्रतिभा का विकास सुनिश्चित करना है. उम्मीदवारों का चयन उन विद्यार्थियों में से किया जाता है जो अभी ग्यारहवीं, बारहवीं तथा प्रथम वर्ष स्नातक (B.Sc./B.S./B.Stat./B.Math./Int. M.Sc./M.S.) कक्षा में मूलभूत विज्ञान (गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान तथा जीव-विज्ञान) का अध्ययन कर रहे हैं और वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए अभिरुचि रखते है. भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु में गठित विशेष समितियां, आवेदनों की छंटनी एवं देश में विभिन्न केन्द्रों पर अभिक्षमता परीक्षा को संचालित करतीं हैं. अभिक्षमता परीक्षा में प्रदर्शन के आधार पर विद्यार्थियों की एक सूची तैयार की जाती है और इन विद्यार्थियों को साक्षात्कार के लिए आमंत्रित किया जाता है, जो चयन प्रक्रिया के अंतिम चरण है. अभिक्षमता परीक्षा एवं साक्षात्कार दोनों में प्रदर्शन के आधार पर विद्यार्थियों का शिक्षावृत्ति हेतु चयन किया जाता है. यह छात्रवृत्ति योजना विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार द्वारा 1999 में की गई थी. सालाना 80 हजार की स्कॉलशिप मिलती है.

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