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यह इमरजेंसी का वक्त है, सरकार के हर कार्य की आलोचना करना सही नहीं: हाइकोर्ट

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Ranchi: कोरोना को लेकर दायर जनहित याचिकाओं पर झारखंड हाइकोर्ट में सुनवाई हुई. शुक्रवार को कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि यह इमरजेंसी का वक़्त है, सरकार द्वारा किये जा रहे हर कार्य की आलोचना करना सही नहीं. झारखंड सरकार जनता द्वारा चुनी गयी है. सरकार हमसे ज्यादा गम्भीरता से इस स्थिति से निपटने का कार्य कर रही है. राज्य सरकार के द्वारा कोर्ट में जानकारी दी गयी कि हिंदपीढ़ी की आबादी 40-45 हज़ार है, जिनमें 8440 टेस्ट हुए. पूरे 4.31 लाख प्रवासी मजदूर आये जिनमें से 30 हज़ार मजदूरों की टेस्टिंग हुई. सभी मजदूरों की स्क्रीनिंग की गयी है.

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हाइकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा था जवाब

झारखंड हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ. रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की खंडपीठ ने 26 मई को कोरोना से निपटने के उपायों के मामले में सुनवाई की थी. हाइकोर्ट ने सरकार से हिंदपीढ़ी से संबंधित जवाब मांगा था. अदालत ने सरकार पूछा था कि हिंदपीढ़ी की आबादी कितनी है और अब तक कितने लोगों की कोरोना वायरस के संक्रमण की जांच की गयी है.

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इसके अलावा, अदालत ने सरकार से रेड जोन से आनेवाले प्रवासी मजदूरों के मामले में भी जानकारी मांगी थी. सरकार से प्रवासी मजदूरों की जांच के लिए केंद्र सरकार के नियम कोर्ट में पेश करने को कहा था. सरकार को यह बताने को कहा था कि राज्य में केंद्र के नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं. दोनों मामलों में सरकार को 29 मई तक रिपोर्ट पेश करने का निर्देश अदालत ने दिया था.

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