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राजधानी में अब जलापूर्ति पाइपलाइन का रख-रखाव करेगी थर्ड पार्टी

पेयजल और स्वच्छता विभाग की तरफ से पूरे शहर में जलापूर्ति इंफ्रास्ट्रक्चर का काम एजेंसियों को देने की तैयारी

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Deepak

Ranchi : राजधानी में जलापूर्ति पाइपलाइन का रख-रखाव अब थर्ड पार्टी करेगी. पेयजल और स्वच्छता विभाग की तरफ से जलापूर्ति पाइपलाइन से संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर की देखरेख की जवाबदेही रांची शहर में एजेंसियों को दी जायेगी. विभाग की देखरेख में राजधानी में तीन जलाशय हैं. रूक्का, हटिया, गोंदा जलाशयों से जुड़े जलापूर्ति पाइपलाइन नेटवर्क में किसी भी तरह की गड़बड़ी को दुरुस्त करने, पानी की गुणवत्ता बरकरार रखने, किसी भी तरह के मैकेनिकल अथवा इलेक्ट्रिकल ब्रेकडाउन के लिए तीनों जलाशयों के लिए अलग-अलग एजेंसी का चयन किया जायेगा. इन्हें 12 महीने के लिए नियुक्त किया जायेगा. विभाग की तरफ से 14.28 करोड़ से अधिक का बजट तैयार किया गया है. जानकारी के अनुसार आदित्यपुर, कसमार, मानगो, धनबाद के बाद यह व्यवस्था अब रांची में शुरू की जा रही है.

14 पानी टंकियों तक के नेटवर्क के लिए 2.54 करोड़ रुपये का बजट

हटिया डैम से जुड़ी आधारभूत संरचना और 14 पानी टंकियों तक के नेटवर्क के लिए 2.54 करोड़ रुपये का बजट तैयार किया गया है. वहीं रुक्का डैम से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर 9.94 करोड़ रुपये का बजट तैयार किया गया है. इसी तरह गोंदा डैम के लिए 1.80 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. एजेंसियों को राइजिंग वाटर मेन, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, रॉ वाटर प्लांट, सभी पाइपलाइन की मरम्मत, क्लोरीफिकेशन, रैपीड ग्रैविटी सैंड फिल्टर की देखरेख भी करनी होगी. इसके अलावा सभी जलापूर्ति पानी की टंकियों में लगे मैकेनिकल मोटर पंपों का रख-रखाव, पूरी पंपिंग व्यवस्था को सुचारू ढंग से संचालित रखने की भी जवाबदेही एजेंसी की ही होगी.

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एक हजार लीटर पानी के आपरेशन-मेंटेंनेस में खर्च किये जायेंगे दो रुपये

पेयजल और स्वच्छता विभाग के हेड वर्क्स डिविजन के कार्यपालक अभियंता प्रभात कुमार सिंह ने बताया कि सरकार की तरफ से एक हजार लीटर के पानी के आपरेशन और मेंटेनेंस पर दो रुपये खर्च किये जायेंगे. इसमें रॉ वाटर की शुद्धता, उसके क्लोरीनेशन, इलेक्ट्रीसिटी की खपत और पाइपलाइन की टूट-फूट तक को दुरुस्त करने का काम शामिल है. जलापूर्ति पाइपलाइन के फेरूल तक का मेंटेनेंस एजेंसियों को करना होगा.

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