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झारखंड के इन शैक्षणिक संस्थानों को लंबे समय से है अपने भवन का इंतजार

Ranchi : झारखंड में राष्ट्रीय स्तर के एजुकेशनल संस्थानों की कमी नहीं हैं. लेकिन अपने स्थापना काल से ही ये संस्थान अपने भवन होने की उम्मीद लगाये हुए है. राज्य सरकार की ओर से जमीन उपलब्ध कराए जाने के बाद भी कई संस्थानों के भवन अब भी निर्माणाधीन हैं तो कई कि जमीन पर कानूनी अड़चन है. इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, रक्षाशक्ति विवि, ट्रिपल आईटी जैसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थान अब भी स्थायी कैंपस होने का इंतजार कर रहे हैं. राज्य के ऐसे ही शैक्षणिक संस्थानों के स्थायी कैंपस कि पड़ताल करती रिपोर्ट …

झारखंड रक्षाशक्ति विवि

खूंटी के रेवा गांव स्थित्त नॉलेज सिटी में झारखंड रक्षाशक्ति विवि का स्थायी कैंपस बन रहा है. साल 2019 के जनवरी महीने से निर्माण कार्य शुरू हुआ है. स्थायी कैंपस का पूरा प्रोजेक्ट 206 करोड़ का है. अब तक इस निर्माण कार्य के लिए लगभग 20 करोड़ रुपये ही आवंटित किये गये हैं. इस वजह से निर्माण कार्य काफी धीमी गति से हो रहा है. बताते चलें कि 75 एकड़ जमीन में बनने वाले इस रक्षाशक्ति विवि की शुरुआत 03 अक्टूबर 2016 को हुई है. तब से लेकर अब तक यह यूनिवर्सिटी ओल्ड ज्युडिशियल बिल्डिंग में चल रही है.

Catalyst IAS
ram janam hospital

The Royal’s
Pushpanjali
Pitambara
Sanjeevani

इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ इंफोर्मेशन टेक्नॉलोजी

ट्रिपल आइटी रांची भी अपने स्थापना के साल से स्थायी कैंपस का इंतजार कर रह है. पहले एनआईटी जमशेदपुर कैंपस में संचालित हो रहा था. बीते एक साल से नामकुम स्थित टेक्निकल यूनिवर्सिटी कैंपस में चल रहा है. इस संस्थान का स्थायी कैंपस कांके के चामा में प्रस्तावित है. यहां 66 एकड़ में भवन का निर्माण होगा. इसका निर्माण 128 करोड़ रुपये में होगा. भवन का निर्माण दो फेज में होगा. पहले फेज में 51.64 एकड़ जमीन पर मुख्य भवन बनाया जायेगा. इसके बाद दूसरे चरण में 15 एकड़ जमीन पर निर्माण कार्य होगा. दिसंबर 2022 तक भवन बनाने का लक्ष्य रखा गया है. अभी बाउंड्री का काम भी शुरू हो गया है. अभी चार किलोमीटर के दायरे में बाउंड्री का काम किया गया है. स्थानीय स्तर पर मुआवजे को लेकर विवाद चल रहा है.

सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड

रिंग रोड स्थित चेरी मनातू में सीयूजे की स्थायी बिल्डिंग बन रही है. अधिकांश भवन बन चुके हैं लेकिन बाउंड्री निर्माण और एप्रोच रोड को लेकर अब भी विवाद चल रहा है. चेरी मनातू में 319 एकड़ में स्थायी भवन का निर्माण होना है. यहां साल 2013 के फरवरी माह से ही काम हो रहा है. लेकिन अभी तक काम नहीं पूरा हो पाया है. अब तक जितना भवन बना है उसमें लगभग 125 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं.

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट(आइआइएम) रांची के स्थायी भवन का निर्माण एचइसी एरिया के मुड़मा मौजा में 60 एकड़ जमीन पर हो रहा है. जहां 13 विभिन्न तरह के भवन बनेंगे. नया भवन बनाने में लगभग 330 करोड़ रुपये की लागत आयेगी. चहारदीवारी बनाने का काम पूरा हो चुका है. अभी प्रशासनिक भवन बनाने का काम चल रहा है. तय नक्शा के मुताबिक तीन प्रशासनिक भवन 2502 वर्ग मीटर, सेमिनार हॉल 2486 वर्ग मीटर, स्टूडेंट्स छात्रावास 2800 वर्ग मीटर, स्टूडेंट्स डाइनिंग हॉल 1343 वर्ग मीटर, निदेशक आवास 310 वर्ग मीटर, दो फैकल्टी ब्लॉक 1420 वर्ग मीटर, सर्विस ब्लॉक 1400 वर्ग मीटर, स्टाफ क्वार्टर (ब्लॉक-ए) 425 वर्ग मीटर और स्टाफ क्वार्टर (ब्लॉक-सी) 425 वर्ग मीटर में बनना है.

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