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झारखंड कांग्रेस के संगठन में हो सकता है बड़ा फेरबदल

ताजा प्रकरण के बाद आलाकमान गंभीर, पंजाब और राजस्थान के बाद झारखंड में बदलाव की तैयारी

GYAN RANJAN

Ranchi : विधायकों की कथित खरीद-फ़रोख्त को लेकर झारखंड में गरमायी राजनीति के बीच प्रदेश कांग्रेस में बड़े फेरबदल की सुगबुगाहट शुरू हो गयी है. खबर है कि कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व संगठन में बड़े ऑपरेशन की तैयारी में है. पंजाब और राजस्थान के बाद झारखंड में भी संगठनात्मक स्तर पर बड़ा फेरबदल जल्द ही हो सकता है. झारखंड में सत्ता पलट की साजिश के जिस मामले का खुलासा हुआ है, उसका असर पार्टी की छवि पर पड़ रहा है. खबरें आलाकमान तक पहुंची हैं. मामले में सच क्या है, झूठ क्या है-इस पर पार्टी के भीतर विचार चल रहा है. हाल के दिनों में कई विधायकों ने किस्तों में दिल्ली जाकर बड़े नेताओं के सामने गिले-शिकवे बयां किये हैं. केंद्रीय नेतृत्व के नोटिस में भी ये बातें आयीं हैं.

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केंद्रीय नेतृत्व क्यों है गंभीर

झारखंड की राजनीति में पिछले पांच दिनों से विधायकों की खरीद-फ़रोख्त की साजिश का मामला सुर्ख़ियों में है. इस मामले में कांग्रेस विधायकों के नाम सामने आ रहे हैं. बताया जा रहा है कि जैसे ही खरीद-फ़रोख्त से जुड़ा मामला सामने आया था, केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश नेतृत्व से पूरी जानकारी मांगी थी. विक्सल कोंगाड़ी ने सार्वजनिक बयान दिया है कि उन्हें सत्ता पलट की साजिश करनेवालों ने पांच करोड़ और मंत्री पद ऑफर किया था, जिसके बारे में उन्होंने प्रदेश नेतृत्व को बता दिया था. बताया जा रहा है कि पार्टी के प्रदेश नेतृत्व की ओर से केंद्रीय नेतृत्व तक ऐसे घटनाक्रम पर कायदे से कोई रिपोर्ट नहीं पहुंचायी गयी.

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सरकार और संगठन में तालमेल का अभाव

झारखंड में कांग्रेस भी सरकार में शामिल है, लेकिन सरकार में शामिल कांग्रेस के मंत्रियों का संगठन के साथ बेहतर तालमेल नहीं है. सरकार में रहते हुए भी कांग्रेस कार्यकर्ता असहाय महसूस कर रहे हैं. कई कांग्रेस विधायक इस बात पर नाराज हैं कि सरकार में उनकी नहीं सुनी जा रही है. इस बात की शिकायत कई बार विधायकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदेश नेतृत्व से की लेकिन कोई फलाफल नहीं निकला. हर बार यही कहा गया कि सारे विषयों पर मुख्यमंत्री से बात की जायेगी. कई विधायकों और पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने इसकी शिकायत प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव से मिल कर की है. इसको लेकर भी केंद्रीय नेतृत्व संजीदा है.

चार वर्षों से नहीं हुआ है कांग्रेस कमेटी का विस्तार

झारखंड कांग्रेस का हाल यह है कि पिछले चार वर्षों से कमेटी का विस्तार नहीं हुआ है. इस बीच दो-दो अध्यक्ष बदले जा चुके हैं. चार वर्ष पहले सुखदेव भगत के कार्यकाल में कमेटी का विस्तार हुआ था. उसके बाद डॉ अजय कुमार का कार्यकाल भी बिना कमेटी विस्तार के ही समाप्त हो गया. वर्त्तमान प्रदेश अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव के कार्यकाल के भी दो वर्ष पूरे होने को हैं लेकिन अब तक कमेटी का विस्तार नहीं हुआ है. पार्टी के अन्दर चल रही गुटबाजी को समाप्त करने के लिए पांच कार्यकारी अध्यक्ष बनाये गये, लेकिन आलम यह रहा कि कार्यकारी अध्यक्षों ने ही समय-समय पर प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोला.

अगस्त के पहले सप्ताह में आ सकते हैं आरपीएन सिंह

झारखंड कांग्रेस के प्रभारी आरपीएन सिंह अगस्त महीने के पहले सप्ताह में झारखंड आ सकते हैं. कहा यह जा रहा है कि झारखंड आने से पहले वह कार्यकर्ताओं से संगठन का पूरा फीडबैक ले रहे हैं. पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश प्रभारी के झारखंड दौरे का मुख्य मकसद संगठन में फेरबदल है.

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