न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

अनर्गल आरोप लगाने का बाबूलाल मरांडी का पुराना इतिहास : भाजपा

शाह ब्रदर्स पर बाबूलाल मरांडी के बयान पर भाजपा का पलटवार

156

Ranchi : भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि बाबूलाल मरांडी का अनर्गल आरोप लगाने का लंबा इतिहास रहा है. उन्होंने अर्जुन मुंडा की सरकार पर भी बड़े-बड़े आरोप लगाये थे, जो कभी सिद्ध नहीं हुए. इसी तरह रविंद्र राय के मामले में भी उन्होंने बेबुनियाद आरोप लगाया था. शाहदेव ने कहा कि असल में एक वर्ष के भीतर चार चुनाव हार जाने के बाद बाबूलाल मरांडी की राजनीतिक जमीन खिसक गयी है और वह इसी तरह के बयान देकर समाचारों में बने रहना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि जिस शाह ब्रदर्स मामले की बात बाबूलाल कर रहे हैं, उसने अदालत में 100% भुगतान करने का लिखित एफिडेविट दिया है और ढाई सौ करोड़ में से 33% की राशि, जो 80 करोड़ होती है, वह इस माह में जमा भी हो रही है. बाकी राशि किस्तों में जमा करने की बात है.

इसे भी पढ़ें- बाबूलाल ने सरकार पर साधा निशाना, ‘सरकार और महाधिवक्ता ने खनन कंपनी शाह ब्रदर्स को पहुंचाया लाभ’

Aqua Spa Salon 5/02/2020

शाहदेव ने आश्चर्य प्रकट करते हुए कहा कि इस मामले में कंपनी द्वारा शत-प्रतिशत राशि का भुगतान किया जाना है, जबकि स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) द्वारा 1400 करोड़ के विरुद्ध सिर्फ 200 करोड़ रुपये के भुगतान पर राहत मिली है. कोल इंडिया को शून्य भुगतान पर न्यायालय से राहत मिली हुई है. हिंडालको के मामले में न्यायालय द्वारा 33% भुगतान पर राहत दी गयी है. शाहदेव ने कहा कि यह बड़ा आश्चर्यजनक विषय है कि इन मामलों के बारे में बाबूलाल मरांडी ने कोई मुद्दा नहीं उठाया.

Related Posts

इसे भी पढ़ें-  14 अक्टूबर को दिल्ली में जुटेंगे आदिवासी समाज के लोग, कई मुद्दों पर होगी चर्चा

राजनीति का स्तर गिरा रहे हैं बाबूलाल

जब उच्च न्यायालय की डबल बेंच में शाह ब्रदर्स के शत-प्रतिशत भुगतान किये जाने के प्रस्ताव पर स्वीकृति मिली है, तो बाबूलाल मरांडी को व्यक्तिगत कारणों से यह पच नहीं रहा. शाहदेव ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा ओड़िशा के मामले में दिये निर्णय को लागू करनेवाला झारखंड पहला राज्य बना. शाह ब्रदर्स के मामले में भी राज्य सरकार ने शुरुआत में आपत्ति की थी, पर जब कंपनी ने कोर्ट में एफिडेविट दाखिल करके शत-प्रतिशत भुगतान का वादा किया, तब सरकार ने उचित निर्णय लिया. उन्होंने कहा कि बाबूलाल मरांडी अधूरी जानकारी के आधार पर सनसनीखेज न्यूज पैदा करना चाहते हैं. महाधिवक्ता का पद एक संवैधानिक गरिमामय पद होता है और उस पर इस तरीके के बेबुनियाद आरोप लगाकर बाबूलाल जी राजनीति का स्तर गिरा रहे हैं.

Sport House

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like