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कोई ऐसा भी है जो पाकुड़ डीसी के पक्ष में कर रहा है पोस्टरबाजी

पाकुड़ शहर में कुछ जगहों पर ऐसे पोस्टर देखे गए हैं, जिसपर डीसी की तारीफ की गयी है. पोस्टरों पर लिखा गया है कि “ईमानदार उपायुक्त दिलीप झा जिंदाबाद.

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Ranchi/Pakur: ऐसा नहीं है कि पाकुड़ में सिर्फ डीसी दिलीप कुमार झा के खिलाफ ही पोस्टरबाजी हो रही है. कोई ऐसा भी हो जो डीसी की तारीफ पोस्टरबाजी के जरिए कर रहा है. पाकुड़ शहर में कुछ जगहों पर ऐसे पोस्टर देखे गए हैं, जिसपर डीसी की तारीफ की गयी है. पोस्टरों पर लिखा गया है कि “ईमानदार उपायुक्त दिलीप झा जिंदाबाद. झारखंड सरकार जिंदाबाद.” खनन माफिया, भ्रष्ट व्यवसायी, विकास योजना में जनता के टैक्स का पैसा हड़पने वाले भ्रष्ट बिचौलियों, ठेकेदार, ईमानदार उपायुक्त के कठोर कार्रवाई में पाकुड़ की आम जनता डीसी के साथ है और साथ रहेगी”. लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि इन पोस्टरों में कहीं भी पोस्टर लगाने वाले का नाम नहीं है. इससे पहले आजसू और राजद ने डीसी पाकुड़ के खिलाफ पोस्टरबाजी की थी. बकायदा पोस्टरों में पार्टियों के नाम लिखे हुए थे.

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आजसू ने क्या लगाए थे आरोप

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1)    पाकुड़ की जनता पूछे सवाल, उपायुक्त पाकुड़ दें जवाबः एक आंख में काजल, एक आंख में सुरमा (मुखिया पुराण) यही है पाकुड़ उपायुक्त की जिला प्रशासन.

2)    पाकुड़ की जनता पूछे सवाल, उपायुक्त पाकुड़ दें जवाबः पटना हाईकोर्ट की याचिका में निर्गत आदेश के बाद भी 1988 से ही कार्यरत फर्जी शिक्षकों को बर्खास्त क्यों नहीं किया गया ? उपायुक्त पाकुड़ जवाब दो.

3)    पाकुड़ की जनता पूछे सवाल, उपायुक्त पाकुड़ दें जवाबः पाकुड़ सीएस अस्पताल का आवास खाली रहते. सरकार से आवास किराया भत्ता लेना बंद करो. पाकुड़ सीएस अस्पताल के चल/अचल संपत्ति की जांच सीबीआई से करायी जाए.

4)    पाकुड़ की जनता पूछे सवाल, उपायुक्त पाकुड़ दें जवाबः एसपीटी एक्ट के उल्लंघन कर पत्थर खनन पट्टा देने वाले उपायुक्त पाकुड़ जनता को जवाब दो.

5)    पाकुड़ की जनता पूछे सवाल, उपायुक्त पाकुड़ दें जवाबः दिलीप कुमार झा की चल/अचल संपत्ति की सीबीआई जांच हो.

6)    पाकुड़ की जनता पूछे सवाल, उपायुक्त पाकुड़ दें जवाबः नियम कानून को नहीं मानने वाले उपायुक्त पाकुड़ जनता को जवाब दो.

7)    पाकुड़ की जनता पूछे सवाल, उपायुक्त पाकुड़ दें जवाबः उपायुक्त पाकुड़ हो जाओ होशियार आजसू कैडर है तैयार

8)    पाकुड़ की जनता पूछे सवाल, उपायुक्त पाकुड़ दें जवाबः अधिकारी और कर्मचारी को रिश्वत वसूलने की फिराक में झूठा केस करने वाले उपायुक्त पाकुड़ जनता को जवाब दो.

9)    पाकुड़ की जनता पूछे सवाल, उपायुक्त पाकुड़ दें जवाबः भाजपा के कैडर की तरह काम करने वाले उपायुक्त पाकुड़ दिलीप कुमार झा के कार्यशैली की जांच हो.

10)   पाकुड़ की जनता पूछे सवाल, उपायुक्त पाकुड़ दें जवाबः पाकुड़ रेलवे साईडिंग की पूर्ण रूपेण जांच हो, रोड साईडिंग क्रशर और माइन्स की तरह क्यों नहीं. उपायुक्त पाकुड़ जवाब दो.

11)   पाकुड़ की जनता पूछे सवाल, उपायुक्त पाकुड़ दें जवाबः अवैध खनन एवं बिना चालान के वाहनों को चेक पोस्ट से पास कराकर रिश्वत लेने वाले पदाधिकारी को गिरफ्तार किया जाए.

12)   पाकुड़ की जनता पूछे सवाल, उपायुक्त पाकुड़ दें जवाबः एनजीटी के आदेश का उल्लंघन करने वाले उपायुक्त पाकुड़ जनता को जवाब दो.

13)   पाकुड़ की जनता पूछे सवाल, उपायुक्त पाकुड़ दें जवाबः देखो उपायुक्त पाकुड़ का कैसा सुशासन ? पत्थर बालू माफिया चलाए प्रशासन.

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क्या लगाया था राजद ने आरोप

आरजेडी ने पाकुड़ में कई जगह पर पोस्टर चिपकाए. जिसमें डीसी और सहायक खनन पदाधिकारी पर कई संगीन आरोप लगाया गया है. आरोप लगाया कि कोलकाता के एक होटल में चार करोड़ की लेनदेन के अलावा सहायक खनन पदाधिकारी सुरेश शर्मा की उपस्थिति में कोल माइन्स के अधिकारियों के बीच डील का मामला रखा है. पोस्टर में सहायक खनन पदाधिकारी पाकुड़ छोड़ो और अवैध संपत्ति उजागर करो आदि भी लिखा गया है. आरजेडी के जिला अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि पाकुड़ डीसी दिलीप कुमार झा अवैध रूप से कमाए गए पैसे से रांची के ओरमांझी में घर बनवा रहे हैं. यह घर स्पेशल डिवीजन के जूनियर इंजीनियर मदन मोहन सिंह की देखरेख में बनवाया जा रहा है. उन्होंने कहा है कि दो महीना पहले ही मदन मोहन सिंह का तबादला हो गया. लेकिन डीसी साहब उसे रोककर रखे हैं. मदन मोहन सिंह ने पाकुड़ में करोड़ों रुपए की योजनाएं संचालित की हैं और सभी से मोटी कमाई की है. उन्होंने सहायक खनन पदाधिकारी सुरेश शर्मा पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनका देवघर रोड पर ब्रिज के पास करोड़ों रुपए का मॉल बन रहा है. देवघर बिहार के शेखपुरा और धनबाद में भी आलीशान घर है. आरजेडी अध्यक्ष का आरोप है कि सहायक खनन पदाधिकारी पहले माइन्स को सीज करते हैं और फिर तीन-चार दिनों में कागजात भी बनाकर माइन्स को फिर से शुरू करवा देते हैं. हर माइन्स शुरू करने के लिए सहायक खनन पदाधिकारी 10-15 लाख रुपए की मोटी रकम वसूल लेते हैं. आरजेडी के जिला अध्यक्ष ने पूरे मामले पर सीबीआई जांच की मांग भी की है.

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