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गोमिया : 500 बच्चे हैं स्कूल में, खुले में जाना पड़ता है शौच, खुले में ही बनता है MDM

लड़के तो शौच के लिए दूसरी जगह चले जाते हैं, लेकिन लड़कियों को बड़ी परेशानी होती है

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Gomia : वर्तमान समय में जब हर गांव, शहर, राज्य को खुले में शौच से मुक्त (ODF) घोषित करने की होड़ लगी हुई है, गोमिया प्रखंड का एक स्कूल स्वच्छता अभियान का मुंह चिढ़ा रहा है.

मध्य विद्यालय, होसिर में करीब पांच सौ बच्चे पढ़ते हैं लेकिन न उनके लिए स्कूल में शौचालय है और न ही मिड डे मिल पकाने के लिए किचेन की समुचित व्यवस्था है.

इस बात का खुलासा तब हुआ जब शनिवार को होसिर के पूर्व मुखिया घनश्याम राम के नेतृत्व में पंचायत के वार्ड सदस्य व कुछ ग्रामीण विद्यालय के औचक निरीक्षण करने पहुंचे. निरीक्षण के दौरान शौचालय और भोजनालय की दुर्दशा देख कर विद्यालय के प्रधानाध्यापक एतवारी साहू को काफी फटकार पड़ी.

विद्यालय में शिक्षकों की संख्या 15 एवं महिला रसोइयों की संख्या आठ है.

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दो बार निर्माण शुरू हुआ, पर पूरा नहीं हो सका

विद्यालय में स्वच्छ भारत मिशन के तहत वर्ष 2015 में सीसीएल ने शौचालय निर्माण कराना शुरू किया था जो अब तक अर्धनिर्मित अवस्था में है. वर्ष 2018 में सरकारी मद से विद्यालय में दूसरा शौचालय बनना शुरू हुआ, वह भी अभी तक अर्धनिर्मित अवस्था में है. विद्यालय में एक शौचालय बना हुआ भी है तो उसपर प्रबंधन ने ताला जड़ दिया है.

विद्यालय में लड़कों से ज्यादा लड़कियों की संख्या है. लड़के तो शौच के लिए दूसरी जगह चले जाते हैं, लेकिन लड़कियों को बड़ी परेशानी होती है. उन्हें कभी-कभी शर्मिंदगी का सामना भी करना पड़ता है.

दूसरी तरफ विद्यालय में किचन शेड भी बना हुआ है तो उसपर भी ताला लगा रहता है. मजबूर होकर महिला रसोइयों द्वारा बच्चों का मध्यान भोजन खुले में बनाया जाता है. रसोइयों के अनुसार विद्यालय में किचन शेड तो बना हुआ है, लेकिन वहां भोजन बनाने की समुचित व्यवस्था नही होने के कारण दूसरी जगह भोजन बनाते हैं. खुले में भोजन बनने से कभी भी अनहोनी हो सकती है.

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ऐसे विद्यालय को बंद कर देना चाहिए

गोमिया : 500 बच्चों वाले स्कूल में खुले में बनता है खाना, खुले में ही शौच जाते हैं छात्र
ताला लगा शौचालय.

ग्रामीणों का कहना है कि जिस विद्यालय में भोजनालय व शौचालय की उचित व्यवस्था नही है सरकार को उसे बंद कर देना चाहिए.

इस संबंध में पूर्व मुखिया घनश्याम राम न बताया कि बच्चे लगातार विद्यालय में शौचालय की व्यवस्था नही होने की बात कहे रहे थे. शौचालय निर्माण के लिए फंड भी आया तो उसकी बंदरबांट हो गयी.

राम ने कहा, “एक तरफ सरकार खुले में शौच मुक्त भारत बनाना चाहता है, वही दूसरी तरफ विद्यालय के बच्चे, शिक्षक एवं रसोइया खुले में शौच जाने को विवश हैं. ऐसे में हमारा भारत खुले में शौच मुक्त कैसे होगा?.”

इस संबंध में बेरमो एसडीओ प्रेमरंजन ने कहा कि मामले की जानकारी मिली है. जांच कर उचित कार्रवाई की जायेगी.

वहीं गोमिया बीडीओ मोनी कुमारी ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक एतवारी साहू को फटकार लगाते हुए शौचालय को दुरुस्त करने एवं ताला लगाये गये शौचालय को तुरंत खोलने का निर्देश दिया.

प्रधानाध्यापक एतवारी साहू ने बताया कि बाहरी लोगों के द्वारा गंदा किये जाने से बचाने के लिए शौचालय को बंद रखा गया था.

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