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…तो भवन बनाने में पकी ईंटों के इस्तेमाल पर रोक लग सकती है

मंत्रालय से जुड़े हुए एक अधिकारी के अनुसार बेकार सामान से पर्यावरण अनुकूल ईंट बनाने की अनेक तकनीक मौजूद हैं.

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NewDelhi :   देश में निर्माण योजनाओं के लिए पकी हुई ईंटों का प्रयोग बंद किया जा सकता है. खबरों के अनुसार मोदी सरकार इस पर विचार कर रही है. बता दें कि पर्यावरण के अनुकूल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए यह अहम फैसला सरकार ले सकती है.  जानकारी के अनुसार केन्द्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) को निर्देश दिया है कि वह इस बात पर विचार करे कि क्या उसकी निर्माण परियोजनाओं में पकी ईंटों के इस्तेमाल पर रोक लगाई जा सकती है? मंत्रालय के निर्देश पर सीपीडब्ल्यूडी ने अपने अधिकारियों से इस संबंध में अपना नजरिया रखने को कहा है. साथ ही 11 दिसंबर तक रिपोर्ट पेश करने को कहा है. मंत्रालय से जुड़े हुए एक अधिकारी के अनुसार बेकार सामान से पर्यावरण अनुकूल ईंट बनाने की अनेक तकनीक मौजूद हैं. पर्यावरण अनुकूल उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए मंत्रालय ने सीपीडब्ल्यूडी से कहा है कि वह इस बात को देखे कि क्या उसके निर्माण कार्य में पकी हुई ईंट के इस्तेमाल पर रोक लगाई जा सकती है.

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ईंट-भट्ठे से वायु प्रदूषण फैलता है

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सईद के नेतृत्व वाला जेयूडी लश्कर-ए-तैयबा का ही संगठन है जो 2008 मुंबई हमलों के लिए जिम्मेदार है.  इस हमले में 166 लोग मारे गये थे.

बता दें कि ईंट-भट्ठे से वायु प्रदूषण फैलता है क्योंकि ईंटों के निर्माण में कोयले का इस्तेमाल होता है.  जान लें कि इस वर्ष अक्टूबर में SC द्वारा नियुक्त ईपीसीए ने एनसीआरराज्यों पर यह सुनिश्चित करने के लिए जोर दिया था कि सभी ईंट-भट्ठों में पर्यावरण एवं वन मंत्रालय द्वारा सुझाई गयी जिग-जैग तकनीक अपनाई जाये.  इससे उत्सर्जन 80 प्रतिशत तक कम होगा.इ सी साल अप्रैल में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली और पड़ोसी राज्यों पर उस अपील के संबंध में जवाब दाखिल न करने को लेकर नाराजगी जाहिर की थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि ईंट भट्ठों के अवैध परिचालन का नतीजा राष्ट्रीय राजधानी में अत्यधिक वायु और जल प्रदूषण के रूप में सामने आया है.

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