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…तो HEC में Railway के लिए बनेंगे कोच और वैगन

  • सांसद महेश पोद्दार के पत्र पर रेल मंत्री ने दिए सकारात्मक संकेत
  • सम्बंधित डिविजन को विचार और कार्रवाई का दिया निर्देश

Ranchi: अगर सब कुछ ठीक रहा और परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो रांची स्थित भारी अभियंत्रण संयंत्र यानि एचईसी में रेलवे के लिए स्टेनलेस स्टील कोच, वैगन अथवा अन्य उपस्कर भी बनेंगे.

झारखण्ड से राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार ने रेल मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर रेलवे द्वारा प्रस्तावित स्टेनलेस स्टील रेल कोच अथवा रेलवे के अन्य उपस्करों के निर्माण से सम्बंधित संयंत्र रांची के एचईसी परिसर में लगाने का आग्रह किया है. पोद्दार के आग्रह के बाद रेल मंत्री गोयल ने सम्बंधित डिविजन को यह मामला विचार एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा है.

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केरल में नहीं है जमीन, रांची में बने यह फैक्ट्री

अपने पत्र में पोद्दार ने कहा है कि भारतीय रेलवे द्वारा एक स्टेनलेस स्टील कोच फैक्ट्री स्थापित करने का प्रस्ताव है. संभवतः यह संयंत्र केरल में स्थापित होना था, किन्तु भूमि उपलब्ध न हो पाने के कारण यह परियोजना क्रियान्वित नहीं हो पा रही है.

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दूसरी तरफ, रांची का भारी अभियंत्रण निगम संयंत्र अनुसंधान एवं विकास (आर एंड डी) एवं पर्याप्त कार्यादेश की कमी के कारण उत्कृष्ट आधारभूत संरचना और काबिल तकनीशियनों की मौजूदगी के बावजूद बुरे दौर से गुजर रहा है, आर्थिक संकट झेल रहा है.

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एचईसी के पास है क्षमता और संसाधन

रेलवे द्वारा प्रस्तावित स्टेनलेस स्टील कोच या अन्य उपस्करों के निर्माण के लिए संयंत्र एचईसी परिसर में स्थापित होने से न सिर्फ रेलवे की जरूरतें पूरी होंगी बल्कि यह देश के एक महत्वपूर्ण किन्तु रुग्ण प्रतिष्ठान के पुनरुद्धार में सहायक भी होगा.

एचईसी रेलवे द्वारा प्रस्तावित स्टेनलेस स्टील कोच बनाने में पूर्णतः सक्षम है. एचईसी के पास पर्याप्त जमीन और रेलवे साईडिंग उपलब्ध है. ज्ञात हुआ है कि एचईसी प्रबंधन अपनी खाली जमीन पर सोलर पावर प्लांट स्थापित करने की योजना बना रहा है.

एचईसी की तकनीकी क्षमता और कुशल कार्यबल तथा मौजूदा जरूरतों को देखते हुए इसके लिए सोलर पावर प्लांट की तुलना में रेलवे के लिए स्टेनलेस स्टील कोच एवं अन्य उपस्कर निर्माण के लिए संयंत्र स्थापित करना अधिक लाभकारी होगा.

झारखण्ड में रोजगार-व्यापार की संभावनाओं में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी. पोद्दार के पत्र का उत्तर देते हुए रेल मंत्री ने सम्बंधित डिविजन को विचार और आवश्यक कार्रवाई के लिए अग्रसारित करते हुए सकारात्मक संकेत दिये हैं.

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