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साहिल का शिकार करने गए युवक खुद बन गए शिकार, 14 घंटे बाद शव बरामद

Garhwa: जिले के मेराल थाना क्षेत्र तिसरटेटुका गांव स्थित पकवा बांध पहाड़ी की पथरीली गुफा में मंगलवार की तड़के साहिल नामक जंगली जानवर का शिकार करने के लिए घुस कर लापता हुए दो युवकों के शव 14 घंटे बाद बरामद किए गए. दो जेसीबी लगाकर करीब 15 फ़ीट पहाड़ की खुदाई कर शवों को बाहर निकाला गया. विदित हो कि एक युवक का शव मंगलवार की सुबह बरामद किया गया था. दो के शव रात आठ बजे बरामद किए गए.

 

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बताते चलें कि मेराल थाना क्षेत्र के तिसरटेटुका गांव स्थित पकवा बांध पहाड़ी की गुफा में साहिल का शिकार करने घुसे आदिम जनजाति के तीन युवकों की गुफा में फंस जाने तथा ऑक्सीजन की कमी के कारण दम घुटने से दर्दनाक मौत हो गयी थी. मृतकों में डंडई थाना के चकरी गांव निवासी उपेंद्र कोरवा (22 वर्ष), श्यामबिहारी कोरवा (30 वर्ष) एवं उमेश कोरवा (30 वर्ष) शामिल है. इनमें उपेंद्र कोरवा का शव तत्काल निकाला जा चुका था, जबकि श्यामबिहारी कोरवा एवं उमेश कोरवा के शव गुफा के अंदर ही फंसा हुए थे. अनुमान लगाया गया था कि गुफा के अंदर ऑक्सीजन की कमी के कारण दम घुटने से तीनों युवकों की मौत हुई. दोनों शवों को निकालने के लिये मेराल और डंडई थाना पुलिस ने जेसीबी मंगाकर प्रयास किया.

 

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साहिल की तलाश में 15 फीट नीचे पथरीली गुफा में उतरे थे युवक

समाचार के अनुसार डंडई थाना क्षेत्र के चकरी गांव के नौ लोग सोमवार की देर रात में साहिल का शिकार करने के लिये जंगल गये हुये थे. वहां वे पकवा बांध पहाड़ी के गुफा में करीब 15 फीट अंदर पथरीली गुफा में नीचे उतरे थे, जहां यह घटना घटी. शिकार करने गये नौ लोगों में से जीवित बचा सूरज कोरवा के अनुसार प्रथम प्रयास में छह लोग गुफा के अंदर प्रवेश किये थे. लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली, तो लौटकर गुफा से बाहर आ गये. लेकिन श्याम बिहारी कोरवा के कहने पर  उसके साथ उमेश कोरवा तथा उपेंद्र कोरवा गुफा के अंदर पुन: प्रवेश किये. इस दौरान आगे के दो युवक गुफा के अंदर एक मोड़ पर घुस गये. तीसरा जैसे ही मोड़ पर पहुंचा, उसका दम घुटने लगा और वह बेहोश होकर गिर पड़ा. गुफा का रास्ता बहुत ही पतला और संकीर्ण था. इसके कारण पीछे के दो अन्य साथियों ने उसे किसी तरह घसीट कर गुफा से बाहर निकाले. निकालने के बाद उसे देखा तो वह मर चुका था. मृतक की पहचान डंडई थाना क्षेत्र के उपेंद्र कोरवा पिता रघुनाथ कोरवा के रूप में की गयी. लेकिन दो अन्य साथी श्याम बिहारी तथा उमेश कोरवा को वे ढूंढ़ नहीं पाये. तब उन्होंने इसकी सूचना ग्रामीणों को दी. इसके बाद पुलिस को भी इसकी जानकारी दी गयी.

शिकार करने गये लोगों में सूरज कोरवा, शिवनाथ कोरवा, दिलीप कोरवा, शंकर कोरवा तथा दो अन्य युवक शामिल थे.

 

चार साल से साहिल मारते रहे हैं युवक

अपने साथियों के साथ साहिल मारने गया झरी कोरवा ने बताया कि वे लोग इस गुफा से चार वर्षों से जंगली साहिल को मारते आ रहे थे. परंतु आज पहली बार यह अनहोनी घटना घटी है. उसने बताया कि सोमवार की रात करीब 11 बजे नौ साथी जंगल में गये हुये थे. उन्होंने गुफा में साहिल को जाते हुये देखा था. उसके साथी श्याम बिहारी कोरवा, उमेश कोरवा और उपेंद्र कोरवा गुफा के अंदर गये, लेकिन वे बाहर नहीं निकल सके. बाहर नहीं निकला तो शक हुआ, तो खुद ही झरी कोरवा गुफा के अंदर गया. वहां अपने दो साथियों के साथ जहां यह फंसा देख निकालने का प्रयास किया, परंतु इसकी भी सांसे रुकने लगी. वह अपने दोस्तों को आवाज देकर बाहर निकला.

 

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