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स्किल समिट में नौकरी लेने आये युवाओं ने कहा- बेवकूफ बना रही सरकार

कन्फ्यूज्ड दिख रहे थे युवक-युवतियां

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Ranchi: स्किल समिट में राज्य भर से नौकरी की उम्मीद लेकर आये युवा निराश होकर वापस लौटते दिखे. समिट में आये युवक-युवतियोंं ने न्यूजविंग से अपनी पीड़ा शेयर की. युवकों ने बताया कि उन्हें ऑफर लेटर दे तो दिया गया है, लेकिन इसके बारे में कुछ नहीं बताया गया. अधिकांश युवा अपनी नौकरी को लेकर असमंजस में दिखे. युवतियों ने बताया कि ऑफर लेटर समिट में आने से कुछ देर पहले ही दिया गया और कहा गया कि नौकरी दे दी गयी है, जल्द ही कंपनी से कॉल आएगा. वहीं कई युवक-युवतियों ने बताया कि समिट में ही कॉल लेटर देने की बात कही गयी थी लेकिन, यहां आकर उस कंपनी को ढूंढ-ढूंढ कर परेशान हो रहे हैं.

सुबह 10 बजे से ही कंपनी के अधिकारी को ढूंढ रहे हैं. लेकिन, यहां कोई मिल ही नहीं रहा. जिस नंबर से फ़ोन कर बुलाया गया था उसपर फोन भी नहीं लग रहा. युवाओं ने कहा कि हमें सिर्फ भीड़ का हिस्सा बना कर रख दिया गया, सरकार ने भीड़ बढ़ाने के लिए ही हम युवाओं को यह बुलाया है. ऑफर लेटर का लालच देकर सिर्फ भीड़ बढ़ाने के लिए हम सभी को लाया गया है. यहां आने के बाद धूप में बिठा दिया गया. कोई नौकरी नहीं मिली सिर्फ धोखा मिला है.

पिछली बार धोखा दिया, अब भीड़ बढ़ाने के लिए बुलाया

रांची की रहने वाली निखत परवीन और जेबा ने कहा कि मैं पिछली बार लगाये गये रोजगार मेला में भी आई थी. उस समय नौकरी होने का भरोसा दिया गया था, लेकिन नौकरी नहीं दी गयी, इस बार भी यहां बुलाकर बेवकूफ बनाया गया, नौकरी की दिलासा देकर बुलाया गया था लेकिन नौकरी नहीं दी गयी. निखत की ही तरह नीलू, रोजी, शबनम, जोहरा जेबा भी पिछली बार रोजगार मेला में रोजगार के लिए आयी थी और इस बार भी नौकरी लेने आयी. लेकिन, इन सभी को ऑफर लेटर तो दिया गया. नौकरी कहां, और कब से करना है, ऐसी कोई जानकारी नही दी गयी.

बुंडू की अंकित कुमारी ने बताया कि पीपीके कॉलेज से इंटर कर रही हूं. मुझे यूरेका फोर्ब्स में नौकरी लगने का फोन आया था, लेकिन समिट में आने के बाद सच्चाई पता चला. वासिया फातिमा जो रांची के मारवाड़ी कॉलेज से पढ़ाई कर रही हैं. उन्होंने कहा कि सिर्फ भीड़ दिखाने के लिए हमें बुलाया गया है. उन्होंने कहा कि मुझे भी यूरेका फोर्ब्स से कॉल आया था. जिसमें कहा गया कि नौकरी लग गयी है. स्किल समिट में आकर ऑफर लेटर ले लीजियेगा. लेकिन यहां आने के बाद सिर्फ भटक रही हूं.

बोकारो की रहने वाली कोमल कुमारी और पुष्पा कुमारी को रातू रोड रांची के वेरिटॉस टेक्नोलॉजी के कॉल सेंटर में जॉब लगने को बात कही गयी थी और समिट में आकर जॉब लेटर लेने को कहा गया था. लेकिन, समिट में आने के बाद पहले तो अंदर आने भी नहीं दिया गया. फिर विजिटर के पास में अंदर भेज गया. अंदर आने के बाद कंपनी को ढूंढ रही हूं. लेकिन कोई आता पता नहीं मिल रहा.

3 घंटे ऑफर लेटर ढूंढने के बाद वापस लौट गये अभिषेक

अभिषेक कुमार ने नागपुर से बीई का कोर्स किया है. उन्होंने बताया कि 6 जनवरी 2019 को इंटरव्यू दिया था. जिसके बाद उनका चयन प्रताप टेक्नो और लेंसकार्ट के लिए किया गया. 25 हजार रुपये वेतन प्रति माह देने को बात कही गयी. लेकिन 3 घंटे से ऑफर लेटर ढूंढ रहा हूं. अपने पिता के साथ आये अभिषेक ने कहा कि कंपनी के प्रतिनिधि को ढूंढते-ढूंढते थक गये अब वापस घर जा रहा हूं.

1 लाख 6 हजार को नौकरी देने का दावा कर रही सरकार

इधर सरकार यह दावा कर रही है कि 2019 में 1 लाख 6 हजार युवाओं को नौकरी दे दी गयी. यहां बता दें कि पिछली बार जिन युवाओं को नौकरी दी गयी थी न्यूजविंग ने उनसे भी बात करके हाल जाना है. 15 युवाओं से बात की गई थी. जिसमें 12 युवाओ ने बताया कि वे 2-3  महीने नौकरी करने के बाद छोड़कर वापस आ गए और जो काम कर रहे हैं वे भी छोड़ कर आना चाहते है.

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