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सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगा अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गये राजस्व कर्मी

Ranchi : झारखंड सरकार और रांची नगर निगम प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए झारखंड राज्य राजस्व उपनिरीक्षक संघ और निगम के कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये. संघ के अध्य़क्ष सुनील कुमार सिंह का कहना है कि सरकार के आश्वासन को 8 माह बीत चुके हैं, लेकिन सरकार ने मांगों को पूरा नहीं किया है, जिसे देख कर्मचारी संघ एक बार फिर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है. वहीं निगम कर्मचारी संघ के उपाध्यक्ष राजू मुंडा ने बताया कि उनकी मांगों को लेकर गत 10 अगस्त को अपर नगर आयुक्त के साथ एक समझौता हुआ था. इसमें कहा गया था कि सरकार को अवगत कराते हुए निगमकर्मियों की मांगों को जल्द से जल्द पूरा किया जायेगा. लेकिन निगम प्रशासन द्वारा अभी तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिये जाने पर निगम कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये हैं.

तीसरी बार हड़ताल पर राजस्वकर्मी

राजस्व संघ के अध्यक्ष ने कहा कि मागों को लेकर कर्मी 2017 में हड़ताल पर गये थे. उस वक्त सरकार से मांगों को लेकर लिखित समझौता हुआ, जिसमें कुछ मांगों को मान लिया गया था, जबकि अधिकांश मांगे लंबित रह गयी थीं. 2018 में कर्मचारी फिर से हड़ताल पर गये. उस वक्त सरकार ने आश्वासन दिया था कि आठ माह में उनकी मांगो को पूरा किया जायेगा. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. सरकार की इसी वादाखिलाफी को देख संघ कर्मी विवश होकर तीसरी बार हड़ताल पर चले गये. उन्होंने कहा कि लगता है कि सरकार चाहती है कि राजस्व कर्मी हड़ताल पर जायें, ताकि सरकारी काम बाधित हो.

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निगम के विभिन्न विभागों में बाधित हो रहा काम

निगम कर्मियों का कहना है कि उनकी मांगों पर प्रशासन द्वारा हमेशा उन्हें सिर्फ आश्वासन दिया जाता रहा है. लेकिन अब तक उनकी मांगों को पूरा करने की कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है. कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्यवाही नहीं की जाती तब तक वे अनिश्चित हड़ताल जारी रखेंगे. बता दें कि हड़ताल पर कर्मियों के जाने से आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. निगम के विभिन्न विभागों में कोई भी लिपिकीय कार्य नहीं हो पा रहा है.

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राजस्व संघ कर्मियों की मांगें

  • राजस्व उपनिरीक्षकों का न्यूनतम ग्रेड पे 2400 रुपये देना, साथ ही 3 वर्षों के बाद ग्रेड पे 2800 रुपये करना.
  • राजस्व प्रोटेक्शन एक्ट लागू करना.
  • जनगणना से समायोजित राजस्व उपनिरीक्षकों की सेवा की गणना भूतलक्षी के प्रभाव से किया जाये.
  • अंचल निरीक्षक की सीधी भर्ती पर रोक लगाते हुए 50% पदों पर वरीयता एवं 50% सीमित परीक्षा लेकर प्रोन्नति देना.
  • सीमित प्रतियोगिता परीक्षा के लिए उपनिरीक्षकों की कार्य अवधि 5 वर्ष निर्धारित करना.
  • क्षेत्र भ्रमण के दौरान दोपहिया वाहन उपलब्ध कराना.
  • राजस्व उपनिरीक्षकों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ देना.
  • मुख्यमंत्री जनसंवाद से राजस्व संबंधी मामलों को अलग रखा जाना.

रांची नगर निगम संघ कर्मियों की मांगें

  • निगम कर्मियों को राज्य सरकार के समतुल्य सातवां वेतनमान का भुगतान.
  • निगम कर्मचारियों को एमएसीपी यानी मोडीफाइड एर्श्योड करियर प्रोगेशन का लाभ देना.
  • मैट्रिक पास आश्रितों को अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति करना.
  • दैनिक एवं संविदा पर काम कर रहे कर्मियों को स्थायी एवं वेतन बढ़ोतरी.
  • चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों को तृतीय वर्ग में पदोन्नति करना
  • निगम कर्मियों के परिवार के विधवा को परिवारिक पेंशन बढ़ा कर आजीवन देना. (वर्तमान में 300 रुपये दिया जा रहा है).

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