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आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं तेजस्‍वनी योजना के कर्मी, 6  माह से नहीं मिला वेतन

Dumka : केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी तेजस्वनी योजना के तहत परियोजना में कार्यरत कर्मियों में आर्थिक समस्या उत्पन्न होने से असंतोष व्याप्त है.  सशक्त महिला और स्वालंबी महिला बनाने को कृत संकल्पि सरकार के इस परियोजना में कार्य कर रहे कर्मियों में किशोरी एवं युवतियों को आर्थिक रूप से सबल बनाने एवं कौशल विकास से जोड़ने वाले कर्मी ही आर्थिक तंगी से जुझना अपने आप को ठगा महसूस कर रहे है. कर्मियों में अधिकतर महिलाएं ही शामिल है. जिनके पास बच्चों के लालन-पालन की समस्या उत्पन्न होने लगी है.

नियुक्ति के छह माह बाद भी मानदेय भुगतान नहीं होने से इस क्षेत्र में कार्य करने वाले कर्मियों में योजना और प्रबंधन के खिलाफ असतंतोष जाहिर किया है. वहीं प्रबंधन द्वारा उचित आश्वासन नहीं देने और काम छोड़ देने को लेकर कहने का आरोप लगाते हुए काफी नाराज दिखे. लेकिन अब जाये तो कहां जाये. पूर्व में जीवन यापन को लेकर छोटी बड़ी जो भी नौकरी करते थे, वह छोड़ इस परियोजना में अधिक मानदेय के लालच में जुड़े. जहां अब छह माह बीतने के बाद भी मानदेय भुगतान नहीं होने से काफी निराशा है.

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मंत्री और उपायुक्‍त को करायेंगे समस्‍या से अवगत

इस बावत कर्मियों ने एकजुटता का परिचय प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. कार्यालय में विरोध करने के बाद कर्मियों ने आउटडोर स्टेडियम में बैठक की. बैठक कर मामले को उपायुक्त और सूबे के समाज कल्याण मंत्री डॉ लुईस मरांडी को अवगत करवाने का निर्णय लिया. यहां बता दें कि जिले के तीन प्रखंड मसलिया, दुमका और जामा में 400 कर्मी कार्यरत है. वहीं शिकारीपाड़ा सहित अन्य जिलों में अब भी नियुक्ति प्रक्रिया जारी है. यह योजना समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित हो रहा है.

जिसमें विकास भारती नामक स्वयं सेवी संस्थान को संचालन का जिम्मा दिया गया है. नियुक्त कर्मियों में कुल 30 को इंडोर स्टेडियम में फरवरी 2018 में नियुक्ति पत्र दिया गया था. वहीं नियुक्ति से पूर्व से काम करने का दावा कर्मियों ने किया. प्रबंधन द्वारा किसी प्रकार की कोई भी अधिकारीक रूप से पहचान पत्र आदि नहीं मिलना भी अविश्वास का कारण बताया. बैठक में रेखा साह, मोनी कुमारी, रिना मिर्धा, मानन गोराई, संतोष पासवान, प्रिया भारती, रितेश कुमार, पंकज कुमार आदि शामिल थे.

जिले के बिल रांची कार्यालय में जमा किया गया है. बिल जमा करने पर विभाग द्वारा इस मद में फंड जारी होता है. सरकार के फंड रिलीज होते ही कर्मियों का भुगतान कर दिया जायेगा. वहीं काम छोड़ देने के धमकी से इंकार करते हुए कहा कि अगर संस्थान से बेहतर अन्य जगह अच्छी मानदेय में काम मिलने पर निर्णय लेने को लेकर हर व्यक्ति स्वतंत्र है.

विजय नायक, प्रोग्राम मैनेजर, दुमका .

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