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अमेरिका ने ईरान से तेल खरीदने वालों की छूट खत्म की,  भारत पर भी असर

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान के तेल खरीदारों को मई से प्रतिबंधों से कोई छूट नहीं देने का फैसला किया है.

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Washington : अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान के तेल खरीदारों को मई से प्रतिबंधों से कोई छूट नहीं देने का फैसला किया है.  व्हाइट हाउस ने सोमवार को एक बयान में यह जानकारी दी.  व्हाइट हाउस ने कहा, अमेरिका, सऊदी अरब तथा संयुक्त अरब अमीरात ने बाजार को ईरानी तेल की आपूर्ति बंद होने की सूरत में वैश्विक मांग पूरी करने को लेकर समय पर कदम उठाने की सहमति जताई है. अमेरिका के इस फैसले के बाद भारत के सरकारी सूत्रों ने कहा है कि हम अमेरिका के विदेश मंत्री की घोषणा से अवगत हैं.

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हम फैसले के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर रहे हैं और माकूल वक्त पर बयान जारी करेंगे. व्हाइट हाउस के बयान के अनुसार ईरान की विध्वंसक गतिविधियों के कारण अमेरिका, हमारे साझीदारों, सहयोगी देशों और मध्य-पूर्व की सुरक्षा के लिए पैदा हुए खतरे को खत्म करने के लिए ट्रंप सरकार तथा हमारे सहयोगी देश ईरान पर लगी आर्थिक पाबंदियों को और बरकरार रखने तथा उसे और सख्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया को छह महीने तक की छूट दी थी.

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बता दें कि ईरान तथा विश्व की छह शक्तियों के बीच हुए समझौते को ट्रंप द्वारा रद्द करने के बाद बीते साल नवंबर में अमेरिका ने ईरानी तेल के निर्यात पर प्रतिबंध दोबारा लगा दिया था. हालांकि वाशिंगटन ने इस प्रतिबंध से ईरानी तेल के आठ प्रमुख खरीदारों-भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, ताईवान, तुर्की, इटली तथा ग्रीस को छह महीने तक की अवधि के लिए छूट दी थी.  इस छूट के खत्म होने से एशियाई खरीदारों पर बड़ी मार पड़ेगी.

ईरानी तेल के सबसे बड़े खरीदार भारत तथा चीन हैं और दोनों देश प्रतिबंध से छूट पाने के लिए प्रयास में लगे थे. ट्रंप इस छूट को खत्म कर तेल की बिक्री में कटौती के जरिये ईरान पर अधिकतम आर्थिक दबाव बनाना चाहते हैं, क्योंकि उसकी आमदनी का मुख्य स्रोत तेल की बिक्री ही है.

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