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कपड़ा उद्योग को नयी ऊंचाइयों तक पहुंचा रही ‘संशोधित प्रौद्योगिकी उन्नयन निधि योजना

राज्यसभा में सांसद महेश पोद्दार के प्रश्न पर सरकार ने दी जानकारी

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Ranchi: परिधान और गारमेन्ट उद्योग को बढ़ावा देकर रोजगार सृजन और निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लागू की गयी ‘संशोधित प्रौद्योगिकी उन्नयन निधि योजना ‘Amended Technology Upgradation Fund Scheme (ATUFS)’ से वस्त्र उद्योग को नयी ऊंचाइयां मिली हैं. वस्त्र उद्योग की इकाइयों को इस योजना के तहत सब्सिडी भुगतान में तेजी लाने के लिए भी सरकार प्रयास कर रही है. राज्यसभा में सांसद महेश पोद्दार के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए वस्‍त्र राज्‍य मंत्री अजय टम्‍टा ने यह जानकारी दी.

17,822 करोड़ रुपए आबंटित किए गए

मंत्री श्री टम्टा ने बताया कि संशोधित प्रौद्यागिकी उन्‍नयन निधि योजना (एटीयूएफएस) के अंतर्गत 17,822 करोड़ रुपए आबंटित किए गए हैं, जिसमें से एटीयूएफएस के अंतर्गत नए मामलों के लिए 5,151 करोड़ रुपए और अनुमानित प्रतिबद्ध देयताओं के लिए 12,671 करोड़ रुपए आवंटित हैं. उन्होंने बताया कि एटीयूएफएस के अंतर्गत आवेदन के लिए विशिष्‍ट पहचान (यूआईडी) संख्‍या जारी करने के पश्‍चात इकाई को मशीनरी की स्‍थापना का कार्य पूरा करना होता है और तब संयुक्‍त निरीक्षण के लिए अनुरोध करना होता है. संयुक्‍त निरीक्षण दल (जेआइटी) द्वारा स्‍थापित मशीनरी के सत्‍यापन और उत्‍पादन आरंभ होने के पश्‍चात सब्सिडी जारी की जाती है. एटीयूएफएस के अंतर्गत 1801.88 करोड़ रुपए की सब्सिडी की आवश्‍यकता के साथ कुल 6611 यूआइडी जारी किए गए हैं. संयुक्‍त निरीक्षण के पश्‍चात अभी तक 40 यूआइडी के संबंध में 6.18 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं. सब्सिडी प्राप्‍त करने के लिए प्रक्रिया को सुचारू और सरल बनाने के लिए एटीयूएफएस के दिशानिर्देश संशोधित किए गए हैं और दिनांक 02.08.2018 को जारी किए गए हैं.

मेक इन इंडिया को बढ़ावा

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संशोधित योजना से कपड़ा क्षेत्र में ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा मिलेगा. इस योजना से एक लाख करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित करने और 30 लाख से अधिक रोजगारों के सृजन की उम्मीद है. इससे विशेष रूप से महिलाओं को रोजगार उपलब्ध होगा और वैश्विक निर्यात में भारत के हिस्से में बढ़ोतरी होगी.

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