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आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षक ने खाया जहर,अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप

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Chatra: विगत दो माह से योगदान के बाद पदस्थापन की आस में कार्यालय का चक्कर काट रहे शिक्षक ने कार्यालय परिसर में ही जहर खा लिया. जहर खाने के बाद शिक्षक की स्थिति को बिगड़ते देख मौके पर मौजूद अन्य शिक्षकों ने उसे तत्काल सदर अस्पताल में भर्ती कराया. जहां चिकित्सकों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रिम्स रांची रेफर कर दिया.

जानकारी के अनुसार कोडरमा जिले के नवलसाही थाना क्षेत्र अंतर्गत कटरिया गांव निवासी शिक्षक विनोद मिस्त्री ने शिक्षक के पद पर चार माह पूर्व जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय में योगदान दिया था. लेकिन, 4 माह बीत जाने के बाद भी अब तक ना तो शिक्षक का किसी विद्यालय में पदस्थापन किया गया और ना ही विभाग द्वारा अब तक उसे वेतन का भुगतान किया गया. ऐसे में जहर खाने वाला शिक्षक अपने अन्य साथियों के साथ लगातार जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय का वेतन भुगतान और पदस्थापना की मांग को लेकर चक्कर काट रहा था.

क्या है पारा शिक्षकों का कहना

पारा शिक्षकों का कहना है कि 2015 में उन्हें गैरपारा शिक्षक घोषित करते हुए उनकी सेवा समाप्त कर दी गयी थी. सेवा समाप्ती के बाद सभी पारा शिक्षक हाईकोर्ट चले गये. हाईकोर्ट ने जुलई 2018 में पारा शिक्षकों के पक्ष में फैसला आ गया. फैसले में दोबारा सभी पारा शिक्षकों को वापस बहाल करने और एक माह के अंदर वेतन शुरू करने का आदेश दिया. आदेश आने के बाद से सभी पारा शिक्षक चतरा के डीएसई कार्यालय में अपनी हाजिरी बनाने पहुंचते थे. उन्हें रोज ही पदस्थापन का दिलाया दिया जाता था. लेकिन, चार महीने बीत जाने के बाद भी उनका पदस्थापन नहीं हुआ. ऐसे में लंबे समय से वेतन भुगतान नहीं होने के कारण शिक्षक के सामने आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई. जिससे तंग आकर उसने जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय परिसर में ही आज जहर खा लिया. चिकित्सकों के अनुसार जहर खाने वाले शिक्षक की स्थिति गंभीर बनी हुई है. इधर घटना से आक्रोशित अन्य शिक्षकों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी व अन्य कार्यालय कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है.

क्या कहा डीएसई ने

चतरा जिले के डीएसई रामपति राम का कहना है किहाईकोर्ट से आदेश आने के बाद डीएसई कार्यालय की तरफ से परामर्श मांगा गया है.लेकिन, राज्य शिक्षा परियोजना से परामर्श ना आने की सूरत में इन शिक्षकों का वेतन भुगतान शुरू नहीं हो पाया है और ना ही इनकी पदस्थापन हो पायी है. उन्होंने बताया कि वो बैठक में शामिल होने के लिए रांची आए हुए हैं. वापस जाकर मामले की जानकारी लेंगे.

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