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पलामू: पीएम के कार्यक्रम में भीड़ जुटाने का काम अब सरकारी कर्मियों को

भाजपा को अपने नेताओं, कार्यकर्ताओं पर नहीं रहा भरोसा

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  • काले रंग से दहशत में है रघुवर सरकार 
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Palamu:

आगामी 5 जनवरी को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेदिनीनगर के चियांकी हवाई अड्डा पर पहुंचेंगे. यहीं से मोदी झारखंड को नये साल का तोहफा भेंट करने वाले हैं. लेकिन अगर आपको प्रधानमंत्री का दीदार करना है तो थोड़ी सावधानी बरतनी होगी. वरना सभा स्थल पर जाकर फिर पछताना पड़ेगा. चूंकि जब से राज्य में पारा शिक्षकों का आंदोलन चल रहा है, तभी से भाजपा को काला जादू का भय सताने लगा है. अब समझा जा सकता है कि भय, भूख और भ्रष्टाचार मिटाने के वायदे कर सत्तासीन भाजपा नेतृत्व को अब वोटरों से ही आखिर इतना भय क्यों होने लगा है?

पहले भी बैन हो चुकी हैं काली चीजें

गत 19 नवम्बर को जन चैपाल में भाग लेने मुख्यमंत्री रघुवर दास पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर में आये  थे. उस कार्यक्रम में बिना कोई सूचना दिये जिला प्रशासन द्वारा बच्चों और महिलाओं के भी काला कपड़ा में जाने से रोक दिया गया था. इस कार्यक्रम में कई लोगों के पर्स और शॉल गायब भी हो गए थे. कार्यक्रम समाप्ति के एक पखवारे तक लोग चौक-चैराहों पर काला जादू की ही चर्चा करते रहे थे. इस बार उसी काले जादू का भय सीएम साहब को सताने लगा है. इसी को देखते हुए, पलामू पुलिस प्रशासन ने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को काले जादू से दूर रखने के लिए पहले ही अलर्ट जारी कर दिया है. इसके तहत पलामू के एसपी इन्द्रजीत माहथा ने पलामू, गढ़वा, लातेहार एवं चतरा के उपायुक्तों को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर उनके जिले से सरकारी कर्मी और लोग सभा स्थल पर काला रंग का वस्त्र पहनकर और काला रंग का सामान लेकर नहीं पहुंचेंगे.

अब भीड़ जुटाने का जिम्मा भी सरकारी कर्मियों का

प्रदेश में मुख्यमंत्री रघुवर दास कितने लोकप्रिय हैं, इसका खुलासा भी अब धीरे-धीरे होने लगा है. झामुमो नेता राजमुनि मेहता ने इस पर चुटकी लेते हुए कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं का भी सरकार के मुखिया से मोहभंग हो गया है. सीएम श्री दास से आम जनता इतनी नाराज है कि अब सीएम और पीएम की सभा में भीड़ जुटाने के लिए सरकारी तंत्र का सहारा लेना पड़ रहा है.

सभा स्थल में बिना पहचान पत्र के आने की अनुमति नहीं

पत्र के माध्यम से आग्रह किया गया है कि सभा स्थल पर सरकारी विभागों के कर्मियों एवं उनके द्वारा लाये जा रहे लोगों को पहले ही निर्देशित कर दिया जाये कि वे काला पोशाक, चादर, शर्ट-पैन्ट, स्वेटर, मफलर, टाई, जूता-मोजा, काला रंग का पर्स, बैग एवं काला रंग का कोई कपड़ा लेकर सभास्थल पर नहीं आयें. साथ ही अपना कोई पहचान पत्र लेकर ही सभास्थल पर पहुंचे.

सीएम की चौपाल में नदारद थी जनता

पिछले दिनों पुलिस स्टेडियम में आयोजित जन चैपाल में जनता नदारद थी. इसमें अधिकारियों के प्रभाव से जल सहिया, स्वास्थ्य सहिया और आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका की भीड़ जुटायी गयी थी. इस बार पीएम की सभा में भी पलामू, गढ़वा, लातेहार और चतरा के सभी विभाग के कर्मियों को ही भीड़ जुटाने की जिम्मेवारी दी गयी है. इसका खुलासा पलामू के पुलिस अधीक्षक द्वारा चार जिले के उपायुक्तों को लिखे पत्र से हो रहा है जिसमें कहा गया है कि जिले से विभिन्न विभागों के कर्मियों द्वारा जितने लोगों को सभा में लाया जा रहा है, उन्हें पूर्व में ही निर्देशित कर दिया जाये कि काला वस्त्र पहनकर सभा में नहीं पहुंचे.

भीड़ के लिए सहिया और सेविका-सहायिका को लाने का निर्देश

सूत्रों की मानें तो इस बार विपक्षी दलों और मीडिया का कोपभाजन बनने के भय से सभी कर्मियों को मौखिक रूप से निर्देशित किया गया है कि सभा में सिविल ड्रेस में ही पहुंचे. सिविल ड्रेस में ही सभी सहिया और सेविका-सहायिका रहेंगी, ताकि मोदी जी को लगे कि भीड़ जुटायी नहीं गयी है, स्वतः जुटी है और नेचुरल है. पार्टी के शीर्ष नेताओं का मानना है कि इससे पार्टी के संगठन और सरकार की साख पर बट्टा नहीं लगेगा.

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