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पटरी से उतरी राज्य की बिजली व्यवस्था, सभी जिलों में जारी है बिजली की कटौती

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  • राज्य का अपना उत्पादन सिर्फ 208 मेगावाट
  • निजी और सेंट्रल सेक्टर से ली गई 862 मेगावाट बिजली
  • फिर भी 107 मेगावाट बिजली की कमी
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Ranchi: पिछले दो दिनों से प्रदेश की बिजली व्यवस्था पटरी से उतर गई है. शुक्रवार को टीवीएनएल की दोनों यूनिट ठप होने के कारण हर जिले में तीन से चार घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही. शनिवार को टीवीएनएल की एक यूनिट से बिजली का उत्पादन तो शुरू हुआ, लेकिन बिजली की मांग पूरी नहीं हो पाई. 107 मेगावाट बिजली की कमी रही. इस कारण राजधानी सहित अन्य जिलों में दो से तीन घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही. राज्य के एक मात्र पावर प्लांट टीवीएनएल से सिर्फ 208 मेगावाट बिजली मिली.

निजी और सेंट्रल सेक्टर से ली गई 862 मेगावाट बिजली

बिजली की कमी को पूरा करने के लिए निजी और सेंट्रल सेक्टर से 862 मेगावाट बिजली ली गई. लेकिन फिर भी मांग पूरी नहीं हो पाई. शनिवार को 1070 मेगावाट बिजली उपलब्ध रही. जबकि मांग 1177 मेगावाट की रही. सेंट्रल एलोकेशन से 467 मेगावाट, आधुनिक से 184 मेगावाट, एसइआर से 48 मेगावाट, आइइएक्स से 99 मेगावाट, सीपीपी से 12 मेगावाट और इंलैंड पावर से 52 मेगावाट बिजली मिली. जबकि सिकिदिरी हाइडल से उत्पादन पिछले कई दिनों से ठप है. पानी की कमी की वजह से उत्पादन नहीं हो रहा है.

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27 दिन में 2905 मेगावाट बिजली की कटौती

कम बिजली मिलने का खामियजा भी प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ा. नौ दिसंबर 2018 से पांच जनवरी 2019 तक 2905 मेगावाट बिजली की लोड शेडिंग (बिजली की कटौती) की गई. जिस कारण राजधानी सहित हर जिले में चार से पांच घंटे बिजली की आपूर्ति बाधित रही. इतने दिनों के अंदर 51 मेगावाट से 257 मेगावाट तक बिजली की कटौती की गई.

इसे भी पढ़ें – नज़रियाः आख़िर पहेली क्यों बना है रफ़ाल सौदा?

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