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राज्य में खून की भारी कमी, अस्पताल नहीं मान रहे गाइडलाइन, 7वीं बार जारी हुआ निर्देश

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Ranchi: राज्य में खून की भारी कमी हो गयी है. हर दिन मरीज के परिजन खून का इंतजाम करने में परेशान हैं. रांची के प्राइवेट अस्पतालों को इस बात की जरा भी परवाह नहीं है. एनएचएम द्वारा जारी निर्देश के हिसाब से अस्पतालों को अपने इन हाउस पेशेंट के लिए खून की व्यवस्था खुद करनी है। इसके लिए ब्लड डोनेशन कैंप लगवाने की व्यवस्था करनी है. पर कोई भी अस्पताल इस निर्देश को मान नहीं रहा है. खून की कमी और रक्त अवयवों के बढ़ते डिमांड को सुगम और सरल बनाने को लेकर अप्रैल 2018 से ही एनएचएम लगातार प्रयासरत है. प्राइवेट अस्पतालों साथ लगातार बैठकें भी हुईं. प्राइवेट अस्पतालों को सातवीं बार गाइडलाइन फॉलो करने का निर्देश जारी किया गया है ताकि खून की समस्या दूर हो सके.

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मरीज के परिजनों को ही लाना पड़ता है खून

नियमों के हिसाब से अस्पताल किसी भी मरीज के परिजन को खून की व्यवस्था करने के लिए बाध्य नहीं कर सकता. अस्पताल इस नियम को मान नहीं रहे हैं. जरूरत पड़ने पर मरीज के परिजन को मांग पत्र और सैंपल थमा देते हैं. जबकि अस्पतालों को ऐसा नहीं करने का स्पष्ट आदेश है. अस्पताल को खुद जरूरत के हिसाब से ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन करना है.

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निजी अस्पतालों को जारी किये गये निर्देश

  • अस्पतालों को निर्देश दिया गया है कि रक्त और रक्त अवयवों की बढ़ती मांग को देखते हुए रक्त संग्रह में वृद्धि की जानी आवश्यक है.
  • सभी अस्पताल ब्लड बैंक से समन्वय स्थापित कर अपने अस्पताल में भर्ती मरीजों के रक्त आपूर्ति सुनिश्चित करें. सभी अस्पताल अपनी मांग के अनुरूप अपने स्तर से रक्त की जरूरतों के हिसाब से संबंधित ब्लड बैंक के साथ समन्वय स्थापित कर ब्लड डोनेशन कैंप करायें.
  • पिछले दो महीनों में कराये गये ब्लड डोनेशन कैंप और अस्पताल की जरूरत का आंकड़ा जारी करें और हर महीने ऐसा करें.
  • मरीजों के परिजन को खून का प्रबंध करने के लिए अस्पताल बाध्य नहीं करें.

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