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राज्य सूचना आयोग को कमजोर बना रखा है सरकार ने, नहीं दे रही मैन पावर

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Ranchi : राज्य सरकार की लापरवाही और अनदेखी के कारण सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 की धार झारखंड में कुंद पड़ती जा रही है. इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है उन आम लोगों को, जो अपने सूचना का अधिकार का इस्तेमाल कर सरकारी विभागों-दफ्तरों या दूसरे प्रावधानित संगठनों-संस्थानों से सूचनाएं हासिल करने के लिए आवेदन करते हैं. झारखंड राज्य सूचना आयोग मैन पावर की कमी का रोना एक अर्से से रो रहा है, लेकिन राज्य सरकार है कि इस तरफ ध्यान ही नहीं दे रही है. दरअसल, झारखंड राज्य सूचना आयोग में 11 आयुक्त की बजाय सिर्फ दो ही कार्यरत हैं. वर्तमान में एक सूचना आयुक्त और एक मुख्य सूचना आयुक्त के भरोसे पूरा झारखंड राज्य सूचना आयोग का कामकाज चल रहा है. मैन पावर की कमी होने के कारण सूचना मांगे जाने पर संबंधित अपीलकर्ताओं को समय पर सूचनाएं नहीं मिल पा रही हैं. इसका खामियाजा उन लोगों को उठाना पड़ रहा है, जो विभाग से संबंधित सूचनाओं की जानकारी सरकार से लेना चाहते हैं. जानकारी के अनुसार झारखंड राज्य सूचना आयोग में 74 स्वीकृत पदों में फिलहाल 41 अधिकारी ही कार्यरत हैं. जबकि शिकायतों की संख्या हर दिन बढ़ती जा रही है, जिनके निष्पादन में बहुत ज्यादा समय लग जा रहा है.

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कितने पद स्वीकृत और कितने हैं कार्यरत 

आयोग के अनुसार, मुख्य सूचना आयुक्त का एक पद स्वीकृत है, जो कार्यरत है. सूचना आयुक्त के 10 पद स्वीकृत हैं, लेकिन सिर्फ एक ही कार्यरत है. सूचना आयुक्त के नौ पद अब भी रिक्त पड़े हुए हैं. सचिव के लिए एक पद स्वीकृत है और एक सचिव कार्यरत हैं. अवर सचिव के लिए एक पद स्वीकृत है और एक कार्यरत हैं. वहीं, डाटा एंट्री ऑपरेटर के (संविदा पर) स्वीकृत पद के विरुद्ध जैप आईटी आउटसोर्स से पांच कार्यरत हैं. प्रशाखा पदाधिकारी के तीन स्वीकृत पदों में दो कार्यरत हैं, जबकि एक पद रिक्त है. सहायक के लिए स्वीकृत छह पदों में से चार ही कार्यरत हैं. प्रधान आप्त सचिव के लिए तीन स्वीकृत पदों में से तीनों पद रिक्त हैं. आशुलिपिक के लिए 10 पद स्वीकृत हैं, जिनमें सभी 10 पद खाली हैं. इसी तरह कंप्यूटर ऑपरेटर के लिए स्वीकृत पद भरा हुआ है. निम्न वर्गीय लिपिक के लिए स्वीकृत चार पदों में से तीन कार्यरत हैं. चालक के 11 पद स्वीकृत हैं, जिसमें पांच ही कार्यरत हैं. इन पदों में से भी चार गृहरक्षा वाहिनी से प्रतिनियुक्ति और एक रांची समाहरणालय से प्रतिनियुक्ति पर है. चालक के लिए तीन संविदा और आठ नियमित पद होना चाहिए. आदेशपाल के संविदा पर 12 स्वीकृत पदों में तीन दैनिक मजदूरी पर और छह गृहरक्षा वाहिनी से प्रतिनियुक्त हैं.

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सूचना तंत्र को मजबूत करे सरकार

झारखंड सूचना अधिकार मंच के केंद्रीय अध्यक्ष विजय शंकर नायक का कहना है कि झारखंड राज्य सूचना आयोग के समक्ष सूचना मांगे जाने पर पर भी कोई फायदा नहीं होता है. मैन पावर की कमी होने के कारण सही समय पर सूचना उपलब्ध नहीं हो पाती है. इसलिए सरकार को चाहिए की इस सूचना तंत्र को मजबूत करे.

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