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स्पंज आयरन फैक्टरी की बढ़ेगी मुश्किल, 24 मई से ओड़िशा के ट्रक और ट्रेलर को झारखंड में आने से रोकेगा एसोसिएशन

झारखंड के ट्रांसपोर्टरों के साथ ओड़िशा में किया जा रहा है सौतेला व्यवहार, कमिश्नर को दिया ज्ञापन

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Pravin kumar

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Ranchi: झारखंड में आयरन ओर माइनिंग बंद होने के कारण स्पंज आयरन कारखानों के सामने अब संकट गहराता जा रहा है. राज्य गठन के बाद झारखंड में कई स्पंज आयरन प्लांट लगये गये थे जिनमें कई प्लांट बंद भी हो गये. राज्य में आयरन ओर की माइनिंग बंद होने के कारण जो प्लांट चल रहे हैं अब उन प्लांटो को भी आयरन ओर मिलने में परेशानी और बढ़ने वाली है. झारखंड के स्पंज आयरन फैक्टरी को आयरन ओर ओड़िशा के सुंदरगढ़ जिला स्थित माइंस से मंगाना पड़ता है. आयरन ओर ढुलाई में कोल्हान के 5000 और ओड़िशा के 2000 से अधिक ट्रक और ट्रेलर लगे हुए हैं.

लेकिन तीन महीने से झारखंड में रजिस्ट्रेशन किये हुए ट्रक, ट्रेलर संचालकों को कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. झारखंड के ट्रक और ट्रेलर को आयरन ओर लोड़िग करने से रोका जा रहा है. साथ ही ट्रक ट्रेलर ड्राइवर और खलासियों के साथ मारपीट भी की जा रही है.

जिससे परेशान होकर झारखंड के ट्रांसपोर्टरों ने 24 मई से ओड़िशा की गाड़ियां जिसमें आयरन ओर  ट्रांसपोर्टिंग  किया जा रहा है, उन गाड़ियों को सीमा पर रोकने का निर्णय लिया है. यह निर्णय जमशेदपुर ट्रक ट्रेलर एसोसिएशन ने लिया है.

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किन समस्यओ से जूझ रहे हैं झारखंड के ट्रांसपोर्टर 

जमशेदपुर ट्रक ट्रेलर एसोसिएशन के पदाधिकारी धनंजय राय कहते हैं कोल्हान के ट्रांसपोर्टर पिछले कई सालों से व्यवस्था संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं. आयरन ओर के माइनिंग बंद होने के कारण कई ट्रांसपोर्टरों की गाड़ियां बैंको का किस्त नहीं भरने के कारण खीच ली गई. आयरन ओर की ढुलाई करने वाले वाहन अब 5000 के करीब हैं. लेकिन ओड़िशा से आयरन ओर की ट्रांसपोर्टिंग करने वाले वाहनों के ड्राइवर और खलासी को मारापीटा जा रहा है. आयरन ओर लोड़िंग करने से रोका जा रहा है.

जब राज्य की सीमा में गाड़ियां प्रवेश करती हैं तो चाईबासा में गाड़ीयों को एक दिन खड़ा रहना पड़ता है. एनएच के पास ही उपायुक्त कार्यालय की वजह से नोएंट्री लगा दी जाती है. जो गड़ियां महीने में 12 फेरे लगाती थीं अब मात्र चार फेरे ही लगा पाती हैं. कोल्हान के ट्रांसपोर्टर अपनी समस्या को लेकर 20 मई को कोल्हान कमिशनर को एक पत्र भी दे चुके हैं.

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धनंजय राय कहते है कि हमें ओड़िशा में लोडिग करने से रोका जा रहा है, मारपीट की जा रही है, लेकिन ओड़िशा के वाहन राज्य आकर माल लोडिंग करते हैं और आराम से जीवनयापन करते हैं. वहीं दूसरी ओर झारखंड के चालकों के साथ सौतेला व्यवहार करते हैं. जिसका विरोध अब किया जायेगा.

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नोएंट्री की वजह से 15 किलोमीटर लगता है जाम

राज्य के कई एनएच पर आज भी रात में गाड़ियों का परिचलन सुरक्षा कारणों से नही हो पाता है. प्रशासन भी वाहनों को रात में चलने पर सुरक्षा उपलब्ध नहीं करा पाता है. आयरन ओर की ढुलाई करने वाले ट्रक और टेलर नोइंट्री की वजह से फंस जाते हैं.

जिस कारण अक्सर चाईबासा से झिंकपानी तक ट्रकों की 15 किलोमीटर से भी लंबी लाइन लग जाती है. सड़क चौड़ीकरण होने की वजह से अब पेड़ भी नहीं रहे. जाम लगने के कारण स्थानीय ग्रामीणों को भी समस्या का सामना करना पड़ता है. ऐसे में किसी तरह की घटना अगर होती है तो ट्रांसपोर्टरों को सुरक्षा भी नहीं मिल पाती है.

राज्य में कहां-कहां हैं स्पंज आयरन फैक्टरी

राज्य गठन होने के बाद झारखंड में कई स्पंज आयरन फैक्टरियां खुली लेकिन अब कई फैक्टरियां बंद हो चुकी हैं जो मौजूद हैं वह गिरिडीह, चाईबासा, चौका, कांड्रा, रामगढ़ में हैं. जमशेदपुर ट्रक ट्रेलर एसोसिएशन के निर्णय के बाद स्पंज आयरन फैक्ट्रियों को भी आयरन ओर के किल्लत से जूझना होगा. झारखंड के ट्रांसपोर्टरों के द्वारा आयरन ओर की ट्रांसपोर्टिंग हल्दिया, चलीयमा, चाईबासा, चौका, कंड्रा, खड़कपुर, रामगढ़, हजारीबाग में क जाती है.

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