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सिविल सोसायटी, पत्रकारों के लिए आज सबसे बड़ा न्यूज़ का स्रोत : कक्‍कर

“सिविल सोसाइटी एवं मीडिया एलायंस"-एक परिचर्चा  का आयोजन

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Ranchi : मीडिया और सिविल सोसायटी को लेकर मंगलवार को मंथन युवा संस्थान में एक परिचर्चा का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य मीडिया और सिविल सोसायटी के बीच सार्थक समन्वय कैसे बने इस विषय पर विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों ने अपने-अपने विचार रखें. मौके पर दिल्ली एनएफआई की प्रोग्राम ऑफिसर मिनी कक्कर ने कहा कि कि मीडिया और सिविल सोसायटी का जो कार्य क्षेत्र है वो अस्पष्ट है. सिविल सोसायटी, पत्रकारों के लिए आज सबसे बड़ा न्यूज़ का स्रोत है, लेकिन उनके बीच सही समन्वय नहीं है. इसकी वजह कर जनसरोकार की खबरें आंकड़ों के साथ नहीं आ पाती हैं.

आज जरूरत है कि इन दोनों संस्था के बीच बीच मजबूत तालमेल बने. वहीं मंथन के सुधीर पाल ने कहा कि अनौपचारिक मंच के साथ साथ संवाद का माहौल बनाना ज़रूरी है. मीडिया का दायरा बहुत बड़ा है और समाजहित में उनकी भूमिका भी. आज अखबारों में तथ्यात्मक रिपोर्ट गिनी चुनी हीं रहती हैं. इस लिहाज से सिविल सोसायटी और मीडिया दोनों को ही झारखंड के परिपेक्ष में कुछ मुद्दों का चयन करके उन्हें नियमित रूप सामने लाने की जरूरत है.

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सिविल सोसायटी मुद्दों से जुड़े आंकड़ों को मीडिया के साथ साझा करें

सामाजिक कार्यकर्ता पीपी वर्मा ने कहा कि मीडिया किस दिशा में खबर को दिखाता है, कैंपेन की दिशा वहीं हो जाती है. उदाहरण के तौर पर हाल के दिनों में सदर हॉस्पिटल है, जिसके निजी करण के विरोध में मीडिया ने अहम भूमिका निभाई. नतीजा है कि सदर अस्पताल कॉर्पोरेट के हाथों में जाने से बच गया. उन्होंने कहा आंदोलन छोटा था पर मीडिया कवरेज से उसे बड़ी शक्ल में मिली. वहीं वरिष्ठ पत्रकार रजत गुप्ता ग्रामीण पत्रकारिता को ही मीडिया संस्थान की ताकत बताया. उन्होंने कहा कि सिविल सोसायटी मुद्दों से जुड़े आंकड़ों को मीडिया के साथ साझा करें, ताकि उसे सरकार की नज़रों तक लाया जा सके. ओम रंजन मालवीय ने कहा डिजिटल/ सोशल (सभी प्रकार के) मीडिया या नई प्रौद्योगिकियों का उपयोग हमारे लक्ष्य प्राप्ति के लिए किया जाना चाहिए क्योंकि उनके पास व्यापक पहुंच है.

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कई पत्रकारों ने रखे अपने विचार

परिचर्चा में वरिष्ठ पत्रकार, आरके नीरज, सैयद सरोज कमर, नवीन  और एक्टिविस्ट जेरोम जेराल्ड, नदीम खान, हलधर महतो, राजीव कर्ण समेत कई लोगों ने अपने विचार रखें. मंथन-एनएफआई पिछले दशक से जन सरोकार के मुद्दों की वकालत करते आये हैं. कभी ग्रासरुट के पत्रकारों के साथ तो कभी सिविल सोसाइटी के साथ सामंजस्य बैठा कर एक दुसरे से अपने अनुभव साझा करते आएं हैं.

इसी क्रम में  इस कार्यक्रम के तहत कुछ वरिष्ठ और मध्य स्तर के पत्रकार और सिविल सोसाइटी के कुछ प्रतिभागियों के साथ एक समन्वय स्थापित करने की कोशिश की गयी है. मकसद है मीडिया विशेषज्ञों, गैर सरकारी संगठनों, सेवा प्रदाताओं और कार्यकर्ताओं के बीच संवाद  की प्रक्रिया को सरल बनाना, साथ ही सिविल सोसाइटी और मीडिया साझेदारी तथा मीडिया, एनजीओ और कार्यकर्ताओं के बीच नई साझेदारी बनाने के लिए प्रयास.

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