न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

 मानसून की धीमी गति का असर, बारिश में 44 फीसदी की कमी दर्ज   

जून के आखिर तक मध्य भारत का ज्यादातर हिस्सा मानसून सिस्टम के भीतर आ जायेगा. यह तय सीमा से करीब 15 दिन की देरी से होगा

39

NewDelhi : मौसम विभाग के अनुसार  इस साल मानसून पिछले 12 वर्षों में सबसे धीमी गति से चल रहा है,  मानसून में देर होने के कारण देशभर के अधिकतर क्षेत्रों में गर्मी का कहर जारी है. मौसम विभाग का कहना है कि  इस साल मानसून  में  देर की वजह  भीषण तूफान वायु भी है,  जिसकी वजह से मानसून के बादलों की दिशा पर खासा असर पड़ा है. अभी तक यह देश के सिर्फ 10-15 फीसदी क्षेत्रों तक ही मानसून पहुंच पाया है.  जबकि भारत का दो-तिहाई हिस्सा आम तौर पर  इस समय तक मानसून के दायरे में आ जाता है.

mi banner add

एक जून से अब तक बारिश में देशव्यापी 44 फीसदी की कमी हो चुकी है. भारतीय मौसम विभाग के अनुसार मानसून अभी केरल, कर्नाटक के दक्षिण हिस्से, तमिलनाडु के दो-तिहाई हिस्से और पूर्वोत्तर भारत में सक्रिय है.  मानसून सिस्टम को फिर से मजबूत होने में कम से कम एक सप्ताह का समय लग जायेगा.

मौसम विभाग के अधिकारी डी शिवानंद के अनुसार अगले दो से तीन दिनों में मानसून के कोंकण तट तक पहुंचने की उम्मीद है  25 जून तक महाराष्ट्र के ज्यादातर हिस्से को मानसून कवर कर लेगा.  जून के आखिर तक मध्य भारत का ज्यादातर हिस्सा मानसून सिस्टम के भीतर आ जायेगा. यह तय सीमा से करीब 15 दिन की देरी से होगा.बता दें कि महाराष्ट्र, तमिलनाडु और मध्य व दक्षिण भारत के कुछ हिस्से पानी की भारी कमी से  जूझ रहे हैं.

इसे भी पढ़ेंःबेंगलुरु  : आरबीआई ने चेताया था, पर  कर्नाटक सरकार ने चुप्पी साध ली, और हो गया 15 हजार करोड़ का हलाल घोटाला

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
%d bloggers like this: