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निर्वाचन के बाद से अधिकार और आवंटन से वंचित पंसस, मुख्यमंत्री को सौंपा छह सूत्री मांग पत्र

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Palamu : अपने निर्वाचन के बाद से लगातार अधिकार और आवंटन विहिन चल रहे पंचायत समिति सदस्यों में भारी आक्रोश है. एक तरफ उनके समकक्ष मुखिया को कई अधिकार दिए गए हैं और आवंटन प्राप्त है, लेकिन त्रिस्तीय पंचायत चुनाव के दो चरण समाप्त हो जाने के बाद भी उन्हें हासिये पर रखा गया है. लगातार उपेक्षा झेलने के कारण पंसस अपने ही निर्वाचन पर ही प्रश्न चिन्ह लगाने लगे हैं. ऐसा नहीं है कि पंसस की ओर से अधिकार और आवंटन की मांग को लेकर आंदोलन नहीं किया गया है, लेकिन हर बार उन्हें छला ही गया है.

पलामू प्रमंडल स्तर पर आंदोलन चलाने के बाद पंचायत समिति महासंघ की पलामू प्रमंडलीय इकाई की ओर से राजधानी रांची में आवाज बुलंद की गयी है. इकाई के अध्यक्ष अमुक प्रियदर्शी, उपाध्यक्ष धर्मराज पासवान और सचिव संजीव कुमार सिन्हा के नेतृत्व में दर्जनों पंसस ने मुख्यमंत्री रघुवर दास से मुलाकात की और छह सूत्री मांग पत्र सौंपा.

पंसस के साथ अपनाया जाता भेदभाव

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प्रियदर्शी ने मुख्यमंत्री को बताया कि जनता ने उन्हें वोट देकर चुना है. लोग उनसे उम्मीद रखते हैं. लेकिन अधिकार और आवंटन का अभाव उन्हें पंगु बना रखा है. राज्य के 5,427 पंसस चुनाव के दौरान जनता के कई वायदे किए, लेकिन इन वादों को पूरा करने में वे अक्षम साबित हो रहे हैं. उनके समकक्ष मुखिया के साथ-साथ विधायक, सांसद सहित कई पदों पर बने जनप्रतिनिधियों अपने निर्वाचन क्षेत्र के विकास के लिए लाखों रुपये आवंटन होता है, लेकिन पंसस के साथ भेदभाव अपनाया जाता रहा है.

इन मांगों को पूरा करने का आग्रह

उन्हें आवंटन और अधिकार नहीं दिया जाना लोकतंत्र के गला घोटने के समान है. मुख्यमंत्री से पंसस की बैठक में लिए गये निर्णर्यों का अक्षरशः पालन करने, पंसस के सभी निर्वाचन क्षेत्र में आवंटन उपलब्ध कराया जाए, पंसस स्तर पर प्रशासनिक स्वीकृति के अधिकार प्रखंड प्रमुख को हस्तांतरित करने, बिहार की तर्ज पर मनरेगा योजनाओं को पंसस के माध्यम से पूरी कराने, सम्मान जनक मानदेय, यात्रा भत्ता और क्षेत्र भ्रमण के लिए वाहन उपलब्ध कराया जाए समेत अन्य मांगे पूरी करने का आग्रह किया गया है. 6 जनवरी 2018 को सौंपे गए मांग पत्र पर कार्रवाई नहीं होने की भी जानकारी मुख्यमंत्री को दी गयी. ऐसा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गयी है. मौके पर गढ़वा के विधायक सत्येंद्र तिवारी भी उपस्थित थे.

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