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बिमल जालान की अध्यक्षता में छह सदस्यीय समिति का गठन, आरबीआई के रिजर्व कोष पर फैसला लेगी

वित्त मंत्रालय के अनुसार रिजर्व बैंक अपनी कुल संपत्ति के 28 प्रतिशत के बराबर बफर पूंजी रखे हुए है. यह वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों द्वारा रखे जाने वाली आरक्षित पूंजी की तुलना में बहुत ऊंचा है.

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NewDelhi : आरबीआई ने बुधवार को  पूर्व गवर्नर बिमल जालान की अध्यक्षता में छह सदस्यीय समिति बनायी है. खबरों के अनुसार समिति आरबीआई के रिजर्व कोष के उचित आकार पर फैसला लेगी.  समिति  में पूर्व सचिव मोहन राकेश वाइस चेयरमैन बनाये गये हैं. बता दें कि एक महीने पहले आरबीआई बोर्ड ने रिजर्व की समीक्षा करने के लिए एक समिति के गठन करने का फैसला लिया था. समिति  को इकनॉमिक कैपिटल फ्रेमवर्क पर एक्सपर्ट कमिटी को अपनी पहली बैठक के 90 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपना होगी.  आरबीआई ने अपने बयान में कहा कि आरबीआई के सेंट्रल बोर्ड ने 19 नवंबर, 2018 को अपनी बैठक में फैसला लिया था, उसी के अनुरूप  केंद्रीय बैंक के इकनॉमिक कैपिटल फ्रेमवर्क के आकार की समीक्षा के लिए आरबीआई ने भारत सरकार के साथ परामर्श कर आज एक एक्सपर्ट कमेटी का गठन कर लिया. कमेटी में डॉ बिमल जालान (चेयरमैन), डॉ मोहन राकेश (वाइस चेयरमैन), भरत दोषी, सुधीर मांकड़, सुभाष चंद्र गर्ग और एन. विश्वनाथन शामिल किये गये है.

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बता दें कि भरत दोषी और सुधीर मांकड़ केंद्रीय बैंक के केंद्रीय बोर्ड के सदस्य हैं.  यह समिति केंद्रीय बैंक की आर्थिक पूंजी रूपरेखा पर सुझाव देगी.  समिति में आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग और रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर विश्वनाथन भी शामिल हैं. दोनों केंद्रीय बैंक के केंद्रीय बोर्ड के सदस्य हैं.

क्या आरबीआई के पास आरक्षित कोष और बफर पूंजी आवश्यकता से अधिक है?

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समिति को इस संबंध में सिफारिश देने को कहा गया है कि क्या आरबीआई के पास आरक्षित कोष और बफर पूंजी आवश्यकता से अधिक है?  रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल तथा सरकार के बीच केंद्रीय बैंक के पास पड़े अतिरिक्त कोष को लेकर मतभेद थे.  रिजर्व बैंक के पास उसके पिछले वित्तीय वर्ष के अंत में ऐसी 9.6 लाख करोड़ रुपये की पूंजी दिखाई गयी है. वित्त मंत्रालय के अनुसार रिजर्व बैंक अपनी कुल संपत्ति के 28 प्रतिशत के बराबर बफर पूंजी रखे हुए है. यह वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों द्वारा रखे जाने वाली आरक्षित पूंजी की तुलना में बहुत ऊंचा है.  जानकारी के बनुसरी इस बारे में वैश्विक नियम 14 प्रतिशत का है. विशेषज्ञ समिति रिजर्व बैंक द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले विभिन्न प्रावधानों, आरक्षित कोष और बफर की जरूरत और उसके उचित होने के बारे में स्थिति की समीक्षा करेगी.

इसके अलावा, समिति वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों द्वारा अपनाये जाने वाले सर्वश्रेष्ठ वैश्विक व्यवहार की भी समीक्षा करेगी. समिति एक उचित लाभ वितरण नीति के बारे में भी प्रस्ताव देगी.  इसमें रिजर्व बैंक के समक्ष आने वाली सभी स्थितियों पर गौर किया जायेगा. केंद्रीय बैंक ने समिति से यह भी सुझाव देने को कहा है कि रिजर्व बैंक के जोखिम के प्रावधान का उचित स्तर क्या होना चाहिए.

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