Opinion

भारत-चीन सीमा पर हालात गंभीर, अब युद्ध की आहट में बदलने लगा है

Girish Malviya

भारत-चीन सीमा पर तनाव अब युद्ध की आहट में बदलता जा रहा है. लद्दाख के स्थानीय वाशिंदे जो बता रहे हैं और प्रधानमंत्री मोदी ने जो कहा कि ‘हमारी सीमा में कोई नहीं आया’ उन दोनों बातों में बहुत विरोधाभास है.

खबरों के मुताबिक, मई की शुरुआत में यहां कदम रखने वाले चीनियों ने यहां डिफेंस स्‍ट्रक्‍चर्स और बंकर तक तैयार कर लिए हैं. चीनी सेना ने LAC पर अपनी 30 प्रतिशत उपस्थिति तो पहले ही दर्ज करा दी थी. अब बताया गया है कि चीनी वायुसेना ने एलएसी के नजदीक तिब्बत में तीन एयरबेस एक्टिव किए हैं. इसके अलावा चीन के लड़ाकू विमानों को भी उड़ान भरते हुए देखा गया है.

Sanjeevani

चीन की ओर से खतरे को देखते हुए भारत का एयर डिफेंस सिस्‍टम अलर्ट कर दिया गया है. दुश्‍मन ने अगर भारतीय एयरस्‍पेस में घुसने की कोशिश की या फिर मिसाइल से हमला किया तो उसे माकूल जवाब दिए जाने की पूरी तैयारी कर ली गयी है.

पिछले महीने से ही चीन की सीमा पर तनाव बढ़ता जा रहा था. 5-6 मई को पूर्वी लद्दाख की पैंगोंग झील के फिंगर-5 इलाके में भारत-चीन के करीब 200 सैनिक आमने-सामने हो गए थे. तब से ही यह खतरा मंडराने लगा था कि चीन के इरादे नेक नहीं है. भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था कि क्षेत्र में चीनी सैनिकों ने बड़े निर्माण किए हैं और भारत ने पर्याप्त क़दम उठाए हैं.

चीन किस तरह भारतीय सीमा में घुसा आ रहा है. यह सबको दिख रहा है, लेकिन फिर भी सरकार यह मानने से इनकार कर रही है. लगातार बातचीत का बहाना कर वह अपनी सैन्य शक्ति को सीमा पर इकट्ठा कर रहा है.

दोनों देशों के बीच वर्तमान टकराव पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी और पैंगोंग झील में हुआ है. हमारी सीमा पर बसे गांव पैंगोंग और फ़ोबरांग उस जगह से 2-3 किलोमीटर दूर हैं. जहां पर भारत-चीन के बीच टकराव हुआ है. इन गांवों में बीएसएनएल काम करता था, जिसकी सेवाएं अभी ठीक से काम नहीं कर रही है. इन गांव के स्थानीय लोग ख़ानाबदोश समुदाय से आते हैं. जो अपने पशुओं पर निर्भर हैं. वे बता रहे हैं कि उनके जानवरों के चारागाह सिकुड़ते जा रहे हैं. क्योंकि चीनी हर साल इस पर क़ब्ज़ा कर रहे हैं.

यानी साफ है कि चीन विस्तारवादी नीति शुरू से अपनाए हुए है. हम उसे माकूल जवाब नहीं दे रहे हैं, लेकिन अब सख्त कदम उठाए गए हैं. और अब भारत ने भी सेना का मिरर डिप्लॉयमेंट (जितने चीनी सैनिक और हथियार उतने भारत के भी) कर दिया है.

हमें अब यह साफ-साफ समझ लेना चाहिए कि भारत-चीन सीमा पर स्थिति बहुत गंभीर है. यदि एक गोली भी चल गयी तो एक बड़ा युद्ध होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.

डिसक्लेमरः ये लेखक के निजी विचार हैं

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button