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संविधान के अनुच्छेद 35A पर SC में सुनवाई को लेकर कश्मीर में अलगाववादियों ने रविवार को बंद बुलाया

पूरे श्रीनगर में धारा 144 लागू कर दी गयी है. कई इलाकों में इंटरनेट सेवा  बंद कर दी गयी है. हालांकि, गृह मंत्रालय ने अतिरिक्त बलों की तैनाती को चुनाव पूर्व तैयारी से संबद्ध एक नियमित अभ्यास बताया है. 

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NewDelhi : जम्मू कश्मीर में अलगाववादियों के संगठन ज्वाइंट रेजिस्टेंस लीडरशिप’ (JRL) ने रविवार को बंद का आह्वान किया है. सुप्रीम कोर्ट में संविधान के अनुच्छेद 35A पर सोमवार को होने वाली सुनवाई को लेकर बंद बुलाया गया है. पुलवामा हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की स्थिति और बंद के दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचने के लिए भारी संख्या में जवानों की तैनाती की गयी है. पूरे श्रीनगर में धारा 144 लागू कर दी गयी है. कई इलाकों में इंटरनेट सेवा  बंद कर दी गयी है. हालांकि, गृह मंत्रालय ने अतिरिक्त बलों की तैनाती को चुनाव पूर्व तैयारी से संबद्ध एक नियमित अभ्यास बताया है.  बता दें कि 35-ए के तहत जम्मू कश्मीर के निवासियों को विशेष अधिकार मिले हुए हैं और अलगाववादी नेता नहीं चाहते कि यह धारा हटाई जाये. यही कारण है कि उन्होंने रविवार को घाटी में बंद का आह्वान किया है. घाटी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी होने के बावजूद तनाव व्याप्त है.

अलगाववादियों के संगठन ज्वाइंट रेजिस्टेंस ने कहा है मनमाने ढंग से की गयी गिरफ्तारियों, रात में छापेमारी, राज्य में दमन, हत्या और सेंसरशिप के कारण लोगों के बीच असुरक्षा और अनुच्छेद 35-ए के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ के विरोध में 24 फरवरी (रविवार) को हड़ताल की जायेगी.

लोगों ने वाहनों में ईंधन और जरूरी सामान का भंडारण शुरू कर दिया है

बंद से पहले प्रदेश के प्रशासन ने ईंधन और जरूरत के सामान की आपूर्ति का आदेश दिया है. शनिवार को पूरी घाटी में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें दिखी. घबराये लोगों ने वाहनों में ईंधन और जरूरी सामान का भंडारण शुरू कर दिया है. साथ ही सरकार ने बड़ी संख्या में अलगाववादी नेताओं के खिलाफ अभियान चलाया है. जानकारी के अनुसार 150 से अधिक अलगाववादियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है. पुलिस ने इसे नियमित प्रक्रिया करार देते हुए कहा कि कुछ नेताओं और संभावित पत्थरबाजों को हिरासत में लिया गया है. वहीं, दर्जनभर से ज्यादा अलगवावादियों को नजरबंद कर दिया गया है. हिरासत में लिये गये लोगों में जमात-ए-इस्लामी जम्मू-कश्मीर संगठन के लोग शामिल हैं.  संगठन के मुखिया अब्दुल हमीद फयाज को भी हिरासत में लिया गया है.

संविधान के अनुच्छेद 35-ए पर सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई से पहले यह कार्रवाई की गई है.  बंद को देखते हुए श्रीनगर के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज ने अपने संकाय सदस्यों की सर्दियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं

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