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विश्व स्तर पर हिंदी की जड़ें गहरी और विस्तृत हैं : कमलेश कुमार

Bermo : बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी पावर प्लांट के सभागार में शनिवार को एक दिवसीय राजभाषा कार्यशाला सह प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया. विषय था ‘‘भाषा प्रौद्योगिकी और हिंदी में उपलब्ध तकनीकी सुविधाएं’’. शिविर का उद्घाटन प्रोजेक्ट हेड कमलेश कुमार,सीई निखिल कुमार चौधुरी, डिप्टी चीफ सिविल सह डीजीएम पीके सिंह अतिथि वक्ता के रुप में हिंदी शिक्षण योजना,दुर्गापुर,भारत सरकार के प्राध्यापक विश्वजीत मजुमदार, संयुक्त निदेशक दिलीप कुमार के द्वारा संयुक्त रुप से दीप जलाकर किया गया.

आइटी के क्षेत्र में हिंदी दिन प्रति दिन विकसित हो रही है

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शिविर को संबोधित करते हुए प्रोजेक्‍ट हेड ने कार्यशाला की सफलता की कामना करते हुए कहा कि आज हिंदी भारतवर्ष की सांस्कृतिक एवं भाषिक एकता का मेरूदंड सिद्ध हो रही है. आइटी के क्षेत्र में हिंदी दिन प्रति दिन विकसित हो रही है. विश्व स्तर पर हिंदी की जड़ें गहरी एवं विस्तृत हैं और यह एक सशक्त माध्यम का काम कर रही है. उन्होंने अपील की कि हिंदी की उपलब्ध तकनीकी सुविधाओं का प्रयोग करते हुए अपने-अपने कार्यालयों में राजभाषा कार्यान्वयन को सुनिश्चित करें.

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राजभाषा प्रशिक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला

सीइ निखिल कुमार चौधरी ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रशिक्षणार्थियों को आश्वस्त किया कि प्लांट में हिंदी के प्रयोग की अभिवृद्धि हेतु कार्यालयों को सभी तरह की जरूरी आइटी सुविधाएं उपलब्ध करायी जायेंगी. डीजीएम ने भी राजभाषा प्रशिक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला. दुर्गापुर से बतौर अतिथि वक्ता पधारे प्राध्यापक विश्वजीत मजुमदार ने विषयांतर्गत कक्षा लीं. उन्होंने कंप्यूटर से एन्ड्रायड फोन तक हिंदी में उपलब्ध सभी प्रकार की तकनीकी एप्स जैसे गूगल अनुवाद, टाइपिंग,  शब्दकोश, भाषा को सक्रिय करने की विधि,  लिखित छवि अनुवाद इत्यादि पर प्रकाश डाला. वहीं प्रत्येक प्रशिक्षणार्थी से अभ्यास भी कराया. कार्यशाला में डीवीसी के सभी अधिकारी एवं इंजीनियर मौजूद थे. कार्यशाला का संचालन हिंदी अधिकारी मु. इस्माईल ने किया.

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