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टीबी से जुड़ी नकारात्मक और भेदभाव पूर्ण धारणाएं दूर करने में टीबी चैंपियंस की भूमिका महत्वपूर्ण: डॉ शैलेश

35 टीबी चैंपियंस ने छह माह में दो हजार से अधिक टीबी मरीजों की सहायता की

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Ranchi :  टीबी से जुड़ी नकारात्मक धारणाओं को खत्म करने में टीबी चैंपियंस की काफी  भूमिका महत्वपूर्ण है. टीबी ऐसी बीमारी है जिसमें मरीज को नकारात्मक धारणाओं के खिलाफ और प्रेरणा के लिए सहयोगी दृष्टिकोण की जरूरत होती है. उक्त बातें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन झारखंड के मिशन निदेशक डॉ शैलेश कुमार चौरसिया ने कहीं. वे टीबी कॉल टू एक्शन प्रोजेक्ट के तहत रीच संस्था रिसोर्स ग्रुप फॉर एजुकेशन एंड एडवोकेसी फॉर कम्युनिटी हेल्थ की ओर से आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.

उन्होंने कहा कि टीबी पीड़ित व्यक्ति जल्दी लोगों के संपर्क में आना नहीं चाहते. वे लोगों से दूर भागते है. कहीं न कहीं सामाजिक भेदभाव भी इसका एक प्रमुख कारण है. ऐसे में टीबी चैंपियंस से बात कर ऐसे मरीजों को लगता है कि कोई है जो उनकी समस्या सुने और जाने. साथ ही जसहयोग करें. ये भूमिका आज टीबी चैंपियंस निभा रहे हैं. डॉ शैलेश ने टीबी टीबी उन्मूलन में कार्यरत संस्था तेज और उसके नेटवर्क को मजबूत करने के लिए प्रोत्साहित किया.

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 35 टीबी चैंपियंस ने दो हजार से अधिक टीबी मरीजों की सहायता की

जानकारी दी गयी कि राज्य के 22 जिलों के 35 ऐसे लोग टीबी चैंपियंस है जो टीबी से मुक्त हुए. छह महीने के समय में इन 35 टीबी चैंपियंस ने दो हजार से अधिक टीबी मरीजों को प्रत्यक्ष सहायता दी और तीस हजार से अधिक लोगों को जागरूक किया. कार्यक्रम का आयोजन राज्य टीबी सेल और यूनाइटेड स्टेट्स एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट के सहयोग से किया गया. राज्य टीबी प्रशिक्षण और प्रदर्शन केंद्र की निदेशक ड3 अनिंद्या मित्रा ने कहा कि छह महीने में टीबी चैंपियंस की भूमिका सराहनीय है.

मानव श्रृखंला बनायी गयी

मेंटरशिप प्रोग्राम के समापन के दौरान टीबी चैंपियंस की ओर से मानव श्रृंखला बनायी गयी. आयोजन मोरहाबादी मैदान में किया गया. इस क्र म में अपने अनुभव सुनाती हुई गिरीडीह की टीबी चैंपियन टूपेश्वरी देवी ने कहा कि पिछले छह महीने में उन्होंने अपने गांव में टीबी मरीजों के साथ कई भेदभाव से जुड़ी घटनाएं देखी है. उन्होंने बताया कि टीबी का इलाज होते हुए भी लोगों में जागरूकता की कमी के कारण वे भेदभाव का शिकार बनते है. मौके पर अनुपमा श्रीवासन, दीवाकर शर्मा समेत अन्य लोग मौजूद थे.

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