न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

किसकी वजह से हाइकोर्ट भवन निर्माण में हुई अनियमितता, कमेटी करेगी जांच, विभाग ने सीएम से मांगा अप्रूवल

587

Ranchi: नये हाइकोर्ट भवन निर्माण में अनियमितता किसकी वजह से हुई. किसकी वजह से बार-बार इस्टीमेट बढ़ाया गया. 265 करोड़ से बढ़ कर बजट 699 करोड़ कैसे हो गया. इन सब के पीछे कौन है. विभाग इन बातों को जानने के लिए जांच कमेटी बनाने जा रहा है. भवन निर्माण विभाग की तरफ से कमेटी बनाने के लिए मंत्री का अप्रूवल जरूरी है. भवन निर्माण विभाग के मंत्री खुद मुख्यमंत्री रघुवर दास हैं. इसलिए विभाग ने कमेटी बनानेवाली फाइल अप्रूवल के लिए सीएम ऑफिस भेजी है. सीएम की अनुमति मिलते ही कमेटी जांच शुरू करेगी और यह तय करेगी कि इन सभी अनियमितता के पीछे कौन है. बताया जा रहा है कि सीएमओ की तरफ से इस हफ्ते कमेटी बनाने का अप्रूवल मिल जाएगा.

इसे भी पढ़ें – आरबीआई व वित्‍त मंत्रालय के बीच बढ़ी तकरार, गवर्नर पद से इस्तीफा दे सकते हैं उर्जित पटेल

जांच में सामने आयी है अनियमितता

झारखंड हाइकोर्ट के निर्माण कार्य की लागत दो साल में ही 265 करोड़ रुपये से बढ़ कर 699 करोड़ हो गयी है. वर्ष 2016 में मेसर्स रामकृपाल कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को टेंडर मिला था. उस समय योजना का इस्टीमेट 265 करोड़ रुपये था. बाद में इसका इस्टीमेट बढ़ा दिया गया. इस्टीमेट बढ़ाने के दौरान किसी तरह की स्वीकृति नहीं ली गयी और उसी ठेकेदार को बिना टेंडर के ही काम दे दिया गया. मामले की सूचना मुख्यमंत्री को मिली तो उन्होंने इसकी जांच उच्चस्तरीय कमेटी से कराने का आदेश दिया. इसके बाद विकास आयुक्त डॉ डीके तिवारी की अध्यक्षता में छह सदस्यीय कमेटी बनी. इस कमेटी ने जांच में बड़ी वित्तीय गड़बड़ियां पायी है. जांच के बाद कमेटी ने यह रिपोर्ट भवन निर्माण विभाग को सौंप दी है. जांच कमेटी ने यह भी पाया कि योजना के निर्माण के दौरान कई चीजों की स्वीकृति नहीं ली गयी है. कमेटी ने लिखा है कि अगर कुछ अतिरिक्त काम कराने की आवश्यकता थी, तो उसकी स्वीकृति ली जानी चाहिए थी. उसका टेंडर भी अनिवार्य रूप से करना चाहिए था.

इसे भी पढ़ें – ‘लाल’ होती झारखंड की सड़कें: रोड एक्सीडेंट में बढ़ोतरी, पिछले एक साल में 3256 लोगों की गई जान

 सवाल जो कमेटी ने उठाए

–              योजना की तकनीकी स्वीकृति गलत थी, तो उसे अनुमोदित कैसे किया

SMILE

–              योजना के इस्टीमेट से राशि निकाल कर टेंडर करने की स्वीकृति कैसे हुई

–              इस्टीमेट में लगातार राशि की बढ़ोतरी करके बिना टेंडर के काम उसी ठेकेदार को कैसे दिया जाता रहा

–              जमीन व मिट्टी की जांच के बाद इस्टीमेट तैयार करने में इंजीनियर कैसे इतनी बड़ी चूक कर सकते हैं कि कोई भी चीज छूट जाये

इसे भी पढ़ें – सरकार दस दिनों में राफेल विमान की कीमत और उसकी डिटेल जमा करे : SC

यह है योजना

  • प्रशासनिक स्वीकृति  366 करोड़
  • निविदा आमंत्रित की गयी  267.66 करोड़
  • (31 करोड़ निकाल कर)
  • कार्य आबंटन की राशि 264.58 करोड़
  • मात्रा में वृद्धि के कारण बढ़ा 40.16 करोड़
  • अतिरिक्त आइटम पर बढ़ा 77.67 करोड़
  • नये कार्य पर बढ़ा 214 करोड़
  • दर बढ़ने, लेबर सेस, आकस्मिकता, बिजली-पानी प्रबंध पर बढ़ा 99.66 करोड़
  • एग्रीमेंट के बाद राशि में बढ़ोतरी 431.49

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
%d bloggers like this: