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चक्रधरपुर में मोहर्रम का जुलूस निकला, प्रशासन इंतजार करता रहा, पवन चौक पर करतब के बाद लौटे अखाड़े  

Chakradharpur : इमाम हुसैन व उनके 72 साथियों की शहादत पर मनाया जानेवाला मातम का पर्व मोहर्रम मंगलवार को ताजिया जुलूस के साथ मनाया गया. मंगलवार की सुबह नवमी एवं शाम को दसवीं का अखाड़ा निकाला गया. रिमझिम फुहार के बीच सभी अखाड़े पवन चौक पहुंचे, जहां तलवार, जंजीर और लाठी के हैरतअंगेज करतब के साथ अमन-चैन के लिए दुआ मांगी गयी. जुलूस के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये थे. शहर के पवन चौक से गुरुद्वारा तक जगह-जगह पर पुलिस के जवानों को तैनात किया गया था.

 

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शाम के सात बज कर दस मिनट पर सबसे पहले दंदासाई का अखाड़ा मेन रोड पहुंचा. इसके बाद एक-एक कर सभी अखाड़ों का जुलूस मुख्य कार्यक्रम स्थल पर आना शुरू हुआ. जुलूस में बाजे-गाजे के साथ पारंपरिक हथियारों के साथ विभिन्न अखाड़ा के उस्तादों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया. पवन चौक या हसन-या हुसैन के गगनचुंबी नारों से गूूंज उठा.  पोड़ाहाट अनुमंडल प्रशासन द्वारा रेलवे क्रॉसिंग के समीप वॉच टावर बनाया गया था, जहां पर पोड़ाहाट अनुमंडल पदाधिकारी ललन कुमार, बीडीओ संजय कुमार सिन्हा, सीओ बाल किशोर महतो, नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष कृष्णदेव साह, थाना प्रभारी लक्ष्मण प्रसाद आदि उपस्थित थे. लेकिन अखाड़ा जुलूस पवन चौक पर ही खेल-तमाशा कर लौट गये. प्रशासन के लोग उनके इंतजार में बैठे रह गये. मुस्लिम समाज की महिलाएं भी काफी संख्या में वहां पहुंची थीं, लेकिन उन्हें भी बिना खेल-तमाशा देखे वापस जाना पड़ा.

मोहर्रम अखाड़ा जुलूस में प्रशासन के सख्त आदेश के बाद भी डीजे, ट्यूबलाइट और आग का खेल जमकर हुआ. पुराना वार्ड संख्या दस की ओर से 5 घोड़ों की दुल- दुल की झांकी निकाली गयी.  इसके अलावा अन्य मुहल्लों के अखाड़ा जुलूस में भी झांकी शामिल थी. पूरे रास्ते युवकों ने विभिन्न तरह के करतब दिखाये. विभिन्न रूप धर बच्चे, युवा इस जुलूस में शामिल हुए. कई अखाड़ों ने ताजिया की झांकी भी निकाली. सभी अखाड़ा के खलीफाओं को सेंट्रल मोहर्रम कमेटी द्वारा पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया. इस दौरान मुहर्रम सेंट्रल कमेटी के विभिन्न अधिकारियों सहित सभी सदस्य मौजूद रहे. चक्रधरपुर में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के कुल 13 अखाड़े जुलूस में शामिल रहे.

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