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गृह प्रखंड में शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया फिर से हो बहाल, शिक्षक संघ ने दिये सुझाव 

Ranchi : माध्यमिक शिक्षा निदेशक हर्ष मंगला की अध्यक्षता में अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ की बैठक हुई. इस बैठक में राज्य के विभिन्न स्कूलों के शिक्षकों के ट्रांसफर से संबंधित नियमों पर चर्चा हुई. बैठक के बाद संघ प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र चौबे, महासचिव राममूर्ति ठाकुर, मुख्य प्रवक्ता नसीम अहमद ने बताया कि राज्य के प्राथमिक, माध्यमिक और प्लस टू स्कूलों के शिक्षकों के स्थानांतरण नियम संशोधन कमिटी ने शिक्षक संघों के प्रतिनिधियों से सुझाव लिया.

इस बैठक में विभाग के जॉइंट सेक्रेटरी संदीप कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी सीके सिंह, माध्यमिक शिक्षा विभाग के उपनिदेशक शिवेंद्र कुमार, दक्षिणी छोटानागपुर के आरडीडीई अरविंद विजय बिलुंग, शिक्षा परियोजना के प्रशासी पदाधिकारी जयंत मिश्रा उपस्थित थे. संघ के प्रतिनिधियों ने शिक्षकों के स्थानांतरण नीति बनाने के लिए अपने सुझाव से कमिटी को अवगत कराया.

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संघ ने दिये सुझाव

  • पूर्व की भांति गृह प्रखंड में शिक्षकों के पदस्थापन का अवसर बहाल किया जाये.
  • नयी शिक्षा नीति में स्थानांतरण पर विशेष दबाव नहीं दिया गया है, इसका ध्यान रखें.
  • दिव्यांग, बीमार और महिला शिक्षकों को तत्काल गृह जिला में स्थानांतरण का अवसर हो.
  • अति गंभीर बीमारी के आधार पर शिक्षकों के अंतरजिला स्थानांतरण के लिए विकास आयुक्त की अध्यक्षता वाली जटिल कमिटी को समाप्त किया जाये.
  • पति-पत्नी दोनो के किसी भी संस्थान में सेवारत होने पर एक दूसरे के जिले में स्थानांतरण का अवसर देना मान्य हो, इसके निमित झारखंड सरकार, भारत सरकार, पीएसयू आदि के संस्थानों को भी दायरे में लिया जाये.
  • गृह जिले से बाहर पदस्थापित सभी कोटि के इच्छुक शिक्षकों को उनके गृह जिले में पदस्थापित करने के लिए अंतर जिला स्थानांतरण का नियम बनाया जाये.
  • अंतर जिला स्थानांतरण में शिक्षकों से पारस्परिक आवेदन प्राप्त होने पर इसे तत्काल स्वीकृति प्रदान की जाये.
  • अंतरजिला स्थानांतरण में प्राप्त एकल आवेदनों को भी यथासंभव मान्य किया जाये.
  • राज्य के बाहर के शिक्षकों को भी उनके सीमावर्ती जिले के लिए अंतरजिला स्थानांतरण का प्रावधान हो.
  • जिला के अंदर पांच जोन की अव्यावहारिक व्यवस्था को समाप्त करते हुए सिर्फ ग्रामीण और शहरी जोन बनाया जाये.
  • शिक्षकों के स्थानांतरण पदस्थापन को मकान भाड़ा भत्ता से जोड़ने के अव्यावहारिक नियम को समाप्त किया जाये.
  • जिला के अंदर भी स्थानांतरण में पारस्परिक आवेदन को मान्य किया जाये.
  • शिक्षकों के ऐच्छिक स्थानांतरण की सीमा तक ही नियम प्रावधानित हों और शिक्षकों का जबरन स्थानांतरण नहीं किया जाये.
  • जिलों में पहले लंबित प्रोन्नतियों को निष्पादित करने के बाद ही स्थानांतरण की कार्रवाई प्रारंभ की जाये, ताकि शिक्षकों को जल्दी जल्दी स्थानांतरण की स्थिति नहीं उत्पन्न हो.

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