Jamshedpur

बागुनहातु चौक काली मंदिर के  पूजारी ने लगायी फांसी, पत्नी ने कहा- मंदिर छोड़कर जाने का कमेटी  के लोग बना रहे थे दबाव

Jamshedpur : बागुनहातु चौक स्थित काली मंदिर के पूजारी पं. दिलीप चटर्जी (60) ने शुक्रवार की शाम मंदिर परिसर में ही स्थित एक कमरे में गमछा के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. पूजारी के आत्महत्या किये जाने के मामले में तरह-तरह की बातें सामने आ रही है. पत्नी ने आरोप लगाया है कि मंदिर कमेटी के लोग कई माह से मंदिर को छोड़कर चले जाने का भी दबाव बना रहे थे. घटना की सूचना पाकर मौक पर पुलिस पहुंची और शव का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. साथ ही पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.

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शाम पांच बजे लोगों को मिली थी जानकारी

लोगों ने बताया कि मंदिर को सेकेंड हाफ में शाम पांच बजे खोला जाता है. जब लोग पहुंचे तब देखा कि पूजारी अपने कमरे में ही फंदे पर लटके हुए हैं. इसके बाद घटना की जानकारी पुलिस को व अन्य लोगों को भी दी गयी. पुलिस के पहुंचने पर ही शव को फंदे से उतारा गया.

पत्नी के आरोप की  पुलिस कर रही है जांच

पूजारी की पत्नी आलोका देवी का कहना है कि उनके पति 25 सालों से मंदिर में रहते हैं पूजा करते हैं. उनका साफ कहना है कि मंदिर कमेटी के लोग कुछ माह से मंदिर को छोड़कर चले जाने का दबाव बना रहे थे. इसकी जानकारी पूजारी ने घर पर दी थी.

किराये का मकान में रहते थे पूजारी

पूजारी के बारे में बताया गया कि वे मंदिर में पूजा पाठ करने के साथ-साथ रोड नंबर 3 के एक किराये का मकान में रहते थे. घटना की जानकारी पत्नी आलोका देवी को शाम छह बजे मिली थी. इसके बाद वह सीधे मंदिर पहुंची थी.

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