JamshedpurJharkhand

कुम्हारों को धूप खिलने का इंतजार ताकि उनके घर भी हो खुशियों का उजाला

दीवाली में मात्र 15 दिन ही बचे लेकिन लगातार बारिश से सूख नहीं सके हैं मिट्टी के दीये, बर्तन और खिलौने

Jamshedpur : दीवाली में मात्र 15 दिन ही बचे हैं, लेकिन बारिश का सिलसिला जारी है. लिहाजा कुम्हार परेशान हैं. उन्हें चिंता सता रही है कि अगर धूप नहीं खिली तो उनके दीये, बर्तन और खिलौने कैसे बनेंगे और कैसे सूखेंगे. दीवाली इन कुम्हारों के लिए सबसे बड़ा रोजगार है. लेकिन बारिश ने इनके चाक के पहियों को थाम रखा है. दीवाली में कुम्हारों के बनाये दीयों, मिट्टी के बर्तन और खिलौनों की बिक्री खूब होती है, लेकिन इस वर्ष मानसून के प्रकोप से ये कुम्हार परेशान हैं. पिछले दो-तीन  दिन से जमशेदपुर में रुक-रुक कर बारिश हो रही है. इस कारण कुम्हार सामान नहीं बना पा रहे हैं.

दीपावली में मात्र 15 दिन ही बाकी

दीपावीली में अब 15 दिन ही शेष रह गये हैंय  ऐसे में कुम्हारों की चिंता काफी बढ़ गयी है. धूप के नहीं निकलने के कारण मिट्टी के बर्तन जो अब तक बन कर तैयार हो जाते थे, वे अभी भी सूखने का इंतजार कर रहे हैं. साथ ही अभी तक उन पर रंगाई भी नहीं हो सकी है.

हो सकता है हजारों का नुकसान

कुम्हरपाड़ा के बलदेव प्रसाद बताते हैं कि इस समय तक हम लोग मिट्टी के बर्तनों को कंप्लीट करके मार्केट में बेचना शुरू कर देते थे. पर अब स्थिति यह है कि अभी भी हम लोग धूप निकलने का इंतजार कर रहे हैं, जिससे कि बर्तनों को सुखाया जा सके. उसके बाद उन पर रंगाई का कार्य किया जाएगा. एक अन्य कुम्हार बासुदेव प्रसाद ने बताया कि हम लोग साल भर इस त्योहार का इंतजार करते हैं. पहले ही कोरोना के कारण दो साल से धंधा मंदा चल रहा है. अब मौसम की मार को देखकर लगता है कि इस साल हजारों का नुकसान झेलना पड़ेगा. क्योंकि जो लागत लग चुकी है, अगर बर्तन टाइम पर नहीं सूख पाये तो उन्हें बेचा नहीं जा सकेगा.

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