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हर भारतीय के खून में सर्वधर्म सम्भावः उपराष्ट्रपति

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Ranchi: उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने गुरुवार को देश में असहिष्णुता फैलानेवाले लोगों पर जम कर अपनी नाराजगी जतायी. कला संस्कृति खेलकूद विभाग के सहयोग से आयोजित साहित्यिक और बौद्धिक समागम लोकमंथन-2018 कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को भारतीय संस्कृति की जानकारी नहीं है. हर भारतीय के खून में सर्वधर्म सम्भाव और सेक्युलरिजम है. इतिहास गवाह है कि भारतीय संस्कृति में कभी भी धर्म, जाति के आधार पर भेदभाव नहीं किया गया. कार्यक्रम के दौरान नायडू ने अपनी जन्मभूमि, मातृभाषा, एक नेशन, अपने गुरुओं का सम्मान करने पर भी जोर दिया. इस दौरान मुख्यमंत्री रघुवर दास ने लोकमंथन कार्यक्रम आयोजित करनेवालों को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह झारखंड के लिए खुशी की बात है कि भोपाल के बाद रांची में यह कार्यक्रम आयोजित हो रहा है.

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तर्क को दी गयी है प्रमुखता, आगे आयें लोग

लोक मंथन कार्यक्रम को विचार विमर्श, संवाद करने का एक मंच बताते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत में संवाद और विचार-विमर्श की एक समृद्ध परंपरा रही है. यहां तर्क, युक्ति वाद को काफी प्रमुखता दी जाती रही है. इसके विपरीत आज देश में कई लोग असहिष्णुता को फैलाते हुए समाज में भेदभाव को बढ़ाने का काम कर रहे है. ऐसे लोगों को चाहिए कि वे आगे आकर तर्क-वितर्क, संवाद कर अपने विचारों को सामने रखें. लेकिन उन्हें भारतीय संस्कृति की सही जानकारी नहीं है. उन्हें मालूम नहीं कि हर भारतीय के खून में सर्वधर्म सम्भाव और सेक्युलरिजम है. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री नायडू ने कहा कि देश के लोगों को अपनी जन्मभूमि और गांव को हमेशा याद करना चाहिए. स्वामी विवेकानंद द्वारा अपनी जन्मभूमि को याद रखने की बात को कहते हुए कहा कि अगर आज यही काम पूरे देश के लोग करते हैं तो देश में विकास की लहर और तेजी से दौड़ेगी.

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मातृभाषा में बोले मां, न कि मम्मी

अपनी मातृभाषा और गुरुओं के सम्मान को प्रमुखता देते हुए उपराष्ट्रपति ने बताया कि मातृभाषा को मानने पर ही परिवार और देश में खुशहाली आती है. झारखंडी, कन्नड़, तमिल जैसी मातृभाषा के लोगों को अपनी बोलचाल में प्रमुखता देनी चाहिए. इस दौरान उन्होंने जन्म देनेवाली को मम्मी न बोल मातृभाषा में मां बोलने की अपील की. वहीं गुरुओं के सम्मान को प्रमुखता देते हुए कहा कि सोशल नेटवर्किंग साइट में गूगल भी गुरु शब्द को प्रमुखता देता है. लोगों को चाहिए कि अपने गुरुओं का सम्मान करें.

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कई लोग थे उपस्थित

साहित्यिक और बौद्धिक समागम लोकमंथन-2018 कार्यक्रम के दौरान नगर विकास मंत्री सीपी सिंह, स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्रवंशी, समाज कल्याण मंत्री लुईस मरांडी, शिक्षा मंत्री नीरा यादव, खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय, संस्कृति मंत्री अमर कुमार बाउरी, रांची मेयर आशा लकड़ा, सांसद राम टहल चौधरी, विधायक अनंत ओझा, नवीन जायसवाल सहित भाजपा और संघ से जुड़े कई कार्यकर्ता उपस्थित थे.

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