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बंद को लेकर इतनी खौफजदा है पुलिस कि विभाग ने ऑफिस में तैनात कर्मियों को भी ‘फुल वर्दी में’ तैयार रहने का सुनाया फरमान

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Ranchi : किसी राजनीतिक पार्टी की तरफ से बंद बुलाना लोकतंत्रिक संरचना को ठेस पहुंचाया जाना कभी भी नहीं माना गया है. प्रशासन का बंद को लेकर चुस्त-दुरुस्त होना भी कभी आश्चर्य नहीं कराता. राजनीतिक बयानबाजी तो बंदी की शोभा बढ़ाने जैसी होती है. लेकिन, इस बार विपक्ष के पांच जुलाई को बंद बुलाने पर सत्ता पक्ष और प्रशासन जिस तरह से बौखलाये हुए हैं, उससे कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं. सवाल यह कि क्या यह बंदी सच में इतनी खास है कि डीजीपी और गृह सचिव को प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी पड़ती है. डीसी और एसपी अपने जिले में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं. सत्ता पर काबिज पार्टी रोजाना प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर बंदी को असंवैधानिक घोषित करने में पसीने बहाती है.

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पुलिस महकमे का हर शख्स सुबह से वर्दी में रहेगा

इस बंदी की अहमियत जितनी विपक्ष ने नहीं बढ़ायी है, उतनी सत्ता पक्ष ने बढ़ा दी है. प्रशासन जिस तरीके से बंदी को लेकर तैयारी कर रहा है, सरकारी कर्मियों को फरमान सुनाया जा रहा है, उससे ऐसा लग रहा है कि सत्ता पक्ष और प्रशासन इस बंदी से सच में डरा हुआ है. ताजा फरमान पुलिस विभाग की तरफ से जारी किया गया है. आदेश आया है कि पुलिस के सभी जवान, चाहे वे इंस्पेक्टर हों या आरक्षी, सभी लोग पांच जुलाई की सुबह सात बजे से फुल वर्दी में तैयार रहेंगे. यहां तक कि पुलिस कार्यालयों में काम करनेवाले पुलिसकर्मियों को भी तैयार रहने को कहा गया है. कहा गया है कि सभी अपनी वर्दी में सुबह सात बजे से रेडी रहें. जरूरत पड़ने पर किसी भी समय उन्हें भी फील्ड में भेजा जा सकता है. बंदी के दौरान क्या होगा, यह तो बंदी वाले दिन पता चलेगा. लेकिन विपक्ष का यह बंद सच में कुछ खास हो चला है.

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